कचहरी रोड, डिस्ट्रिक्ट मोड़ और संत कोलंबा कॉलेज के 100 मीटर के दायरे में चली संयुक्त छापेमारी; कोटपा कानून के उल्लंघन पर वसूला अर्थदंड— विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट
प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य ब्यूरो, हजारीबाग:
- रिपोर्टर: जिला संवाददाता (News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), हजारीबाग प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 368 (दिनांक: 13 जून 2026)
हजारीबाग:
हजारीबाग जिले के शहरी क्षेत्र में स्कूली बच्चों और उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को नशे के जाल से सुरक्षित रखने तथा आम नागरिकों को मिलावट मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा विधिक रुख अपनाया है। उपायुक्त हेमन्त सती एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के संयुक्त निर्देश पर शनिवार, 13 जून 2026 को पूरे शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग और तंबाकू निषेध टीम द्वारा एक व्यापक व सघन संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। इस कड़े प्रशासनिक एक्शन के दौरान जहां एक तरफ नामचीन कॉलेजों और स्कूलों के 100 मीटर के विधिक दायरे में बिक रहे सिगरेट-तंबाकू उत्पादों पर कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी तरफ होटलों और दुकानों में खाद्य पदार्थों में मिलाए जा रहे जानलेवा औद्योगिक रंगों (Chemical Colors) को मौके पर ही नष्ट कर भारी जुर्माना वसूला गया।
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| "हजारीबाग में प्रशासन का बड़ा छापा! स्कूल-कॉलेजों के पास तंबाकू बेचने वाले नपे, होटलों में मिला जहरीला केमिकल रंग।" |
संत कोलंबा कॉलेज से लेकर बस स्टैंड तक हड़कंप, इन प्रमुख चौराहों पर चला विधिक डंडा
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंजर हुसैन एवं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला परामर्शी रेहान जमी के संयुक्त नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स का गठन कर इस महा-अभियान को धरातल पर उतारा गया। इस टीम ने अचानक शहर के व्यस्ततम और संवेदनशील इलाकों जैसे अन्नदा चौक, कचहरी रोड, डिस्ट्रिक्ट मोड़, पीटीसी चौक, पीडब्ल्यूडी चौक, संत कोलंबा कॉलेज परिसर के आसपास तथा नया बस स्टैंड क्षेत्र सहित विभिन्न व्यावसायिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अचानक हुई प्रशासनिक कार्रवाई से पूरे शहर के मिलावटखोरों, किराना दुकानदारों और थोक व खुदरा तंबाकू विक्रेताओं के बीच हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भागते नजर आए।
खाद्य पदार्थों में मिला हानिकारक औद्योगिक रंग, कोटपा कानून के तहत 10 दुकानें विधिक रूप से नपीं
निरीक्षण के दौरान जब विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों और होटलों की सघन जांच की गई, तो कुछ दुकानों में तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थों में मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक व कैंसर जैसी बीमारियां पैदा करने वाले अखाद्य (इंडस्ट्रियल) रंगों के उपयोग की विधिक पुष्टि हुई। अधिकारियों ने ऐसे सभी केमिकल युक्त खाद्य पदार्थों को तत्काल मौके पर ही पूरी तरह नष्ट करा दिया। इसके साथ ही संबंधित दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में दोबारा ऐसी विधिक अनियमितता पाए जाने पर सीधे जेल भेजा जाएगा।
दूसरी ओर, तंबाकू निषेध टीम ने सार्वजनिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों के पास नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कुल 10 बड़े प्रतिष्ठानों को विधिक रूप से चिन्हित कर उन पर कुल 3,800 रुपये का ऑन-स्पॉट नकद अर्थदंड (जुर्माना) लगाया। टीम ने स्कूलों और कॉलेजों की 100 मीटर की परिधि के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध संबंधी प्रावधानों की कड़ाई से जांच की और आसपास के दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि यदि कोई नाबालिगों को तंबाकू बेचता मिला, तो उसकी optical दुकान विधिक रूप से सील कर दी जाएगी।
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम एवं कोटपा कानून नियमावली)
📌 जानिए मिलावटखोरी और तंबाकू उत्पादों की बिक्री से जुड़े देश के कड़े विधिक नियम क्या हैं?
- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (FSSAI Act): इस विधिक कानून के तहत खाने-पीने की चीजों में प्रतिबंधित औद्योगिक या रासायनिक रंगों का उपयोग करना एक गंभीर और दंडनीय विधिक अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर दुकानदार पर 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और गंभीर मामलों में न्यूनतम 6 महीने से लेकर आजीवन कारावास तक की विधिक सजा का कड़ा प्रावधान है।
- कोटपा अधिनियम 2003 (COTPA Act - धारा 6): इस केंद्रीय विधिक अधिनियम के तहत किसी भी शिक्षण संस्थान (स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर) की बाहरी सीमा के 100 गज या 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा या किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद को बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित और विधिक रूप से अवैध है।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: छापों की निरंतरता ही बचाएगी मासूमों का भविष्य, केवल रस्म अदायगी से नहीं सुधरेंगे हालात (Editorial)
उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देश पर हुई संयुक्त छापेमारी सराहनीय, पर स्कूलों के पास परमानेंट वेंडिंग बैन जरूरी
हजारीबाग के स्कूलों और विशेष रूप से ऐतिहासिक संत कोलंबा कॉलेज के आसपास खाद्य सुरक्षा और तंबाकू नियंत्रण टीम द्वारा चलाया गया यह अभियान जनस्वास्थ्य के लिहाज से एक मील का पत्थर है। हमारे नौनिहालों और युवा पीढ़ी को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की ओर धकेलने वाले अखाद्य रंगों और तंबाकू के खिलाफ ऐसी विधिक कार्रवाइयां रोज होनी चाहिए। हालांकि, 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि केवल 3,800 रुपये का कुल जुर्माना लगाना इन रसूखदार दुकानदारों के लिए बेहद मामूली है। प्रशासन को चाहिए कि जो होटल संचालक इंसानी स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर औद्योगिक रंगों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके FSSAI लाइसेंस को तुरंत विधिक रूप से रद्द किया जाए। इसके साथ ही, जब तक पुलिस प्रशासन और नगर निगम मिलकर स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह से 'नो स्मोकिंग एंड नो वेंडिंग जोन' घोषित कर वहां स्थाई विधिक गश्ती सुनिश्चित नहीं करेंगे, तब तक टीम के लौटते ही ये प्रतिबंधित उत्पाद दोबारा बिकने शुरू हो जाएंगे।

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