हजारीबाग में 'सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान' पर बड़ा मंथन: रोजगार, कौशल और महिला सशक्तिकरण के लिए बनेगा नया रणनीतिक रोडमैप
"नगर निगम में महापौर अरविंद कुमार की मौजूदगी में हुआ फोकस ग्रुप डिस्कशन; एनआईटी कालीकट के तकनीकी सहयोग से 4 महीने के सामाजिक-आर्थिक सर्वे के आधार पर तैयार हो रही कार्ययोजना"— विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट
प्रशासनिक एवं विकास ब्यूरो, हजारीबाग:
हजारीबाग शहरी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, युवाओं का कौशल विकास करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगर निगम ने एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत हजारीबाग नगर निगम के लिए तैयार किए जा रहे 'सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान' (CLAP) को लेकर मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में एक महत्वपूर्ण फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) यानी विशेष विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में मुख्य रूप से महापौर अरविंद कुमार, नगर निगम के आला अधिकारी, विभिन्न वार्डों के पार्षद, जेएसएलपीएस (JSLPS) एवं जिला उद्योग केंद्र के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं और स्ट्रीट वेंडर्स शामिल हुए।
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| Hazaribagh City Livelihood Action Plan FGD |
4 महीने के व्यापक सामाजिक-आर्थिक सर्वे के आधार पर तैयार हो रही है आजीविका योजना
नगर निगम कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 37 के अनुसार, यह नई आजीविका कार्ययोजना पिछले चार महीनों से हजारीबाग शहर के विभिन्न वार्डों में किए गए एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के व्यावहारिक आंकड़ों के आधार पर तैयार की जा रही है। इस विशेष बैठक का मुख्य उद्देश्य सर्वे से प्राप्त निष्कर्षों का धरातलीय और जमीनी सत्यापन करना था, ताकि हितधारकों और स्थानीय नागरिकों के महत्वपूर्ण सुझावों को अंतिम कार्ययोजना में शामिल किया जा सके। इस पूरी योजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए एनआईटी (NIT) कालीकट के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अर्बन प्लानिंग एंड डिजाइन' (COEUPD) द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
युवाओं को प्लेसमेंट और छोटे उद्योगों को आसान ऋण देने पर बनी सहमति
विचार-विमर्श के दौरान शहर के विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गंभीर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से रणनीति तय की गई:
- कौशल और प्लेसमेंट: शहर के बेरोजगार युवाओं के लिए बाजार की वर्तमान और वास्तविक जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने और शत-प्रतिशत प्लेसमेंट सहायता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
- सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा: छोटे और सूक्ष्म घरेलू उद्योगों को मजबूती प्रदान करने के लिए बैंकों के माध्यम से आसान ऋण (वित्तीय सहायता), बाजार लिंकेज और उद्यमियों के क्षमता निर्माण की आवश्यकता रेखांकित की गई।
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHG) और कुटीर उद्योगों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर सभी प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की।
- वेंडर्स की सुरक्षा: फुटपाथ दुकानदारों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए व्यवस्थित व उचित स्थान का निर्धारण, उनकी सामाजिक सुरक्षा और संस्थागत सहयोग सुनिश्चित करने की चुनौतियों पर गंभीरता से विचार हुआ।
आर्थिक समावेशन और सतत आजीविका से होगा हजारीबाग का समग्र विकास: अरविंद कुमार
इस विमर्श कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हजारीबाग महापौर अरविंद कुमार ने कहा कि फोकस ग्रुप डिस्कशन से प्राप्त सभी व्यावहारिक और बहुमूल्य सुझावों को 'सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान' में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह दूरगामी योजना हजारीबाग के आर्थिक विकास के लिए एक बेहतरीन रणनीतिक रोडमैप साबित होगी। इससे शहर में व्यापक स्तर पर रोजगार का सृजन होगा, सतत आजीविका के अवसरों का विस्तार होगा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समावेशन सुनिश्चित कर हजारीबाग के समग्र विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।

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