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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में पुलिस का बड़ा एक्शन: एसपी के आदेश पर रात भर चला विशेष समकालीन अभियान; पोक्सो और महिला अपराध के 31 फरार आरोपी गिरफ्तार, 31 वारंट व कुर्की निष्पादित

हजारीबाग पुलिस का बड़ा एक्शन: विशेष समकालीन अभियान में पोक्सो व महिला अपराध के 31 फरार आरोपी गिरफ्तार। पढ़ें पूरी प्रेस विज्ञप्ति।
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 आधी रात को हजारीबाग पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 87 पुलिस अधिकारियों ने 29 टीमों में बंटकर की छापेमारी; पोक्सो के फरार आरोपियों को दबोचा

"महिलाओं और बच्चियों से जुड़े अपराधों पर हजारीबाग पुलिस सख्त, फरार अपराधियों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी ऐसी ही कार्रवाई"— पुलिस अधीक्षक

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग जिले में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) के आदेशानुसार बुधवार की रात एक बड़ा और विशेष समकालीन अभियान (Simultaneous Raid) चलाया गया। इस महाअभियान के तहत जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) और पुलिस निरीक्षकों (Inspector) के नेतृत्व में पोक्सो (POCSO) एक्ट तथा महिलाओं से संबंधित अन्य गंभीर अपराधों में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों, वारंटियों और अभियुक्तों के खिलाफ चौतरफा छापेमारी की गई।

दरअसल, पोक्सो एक्ट और महिलाओं से जुड़े अपराधों में महीनों से फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए हजारीबाग पुलिस ने एक चक्रव्यूह रचा। सभी डीएसपी और इंस्पेक्टर्स के नेतृत्व में 29 विशेष टीमें बनाई गईं, जिनमें 87 पुलिसकर्मियों ने रात भर ताबड़तोड़ छापेमारी की!"

29 टीमों और 87 पुलिसकर्मियों का चक्रव्यूह, रात भर हुई छापेमारी

​पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेष समकालीन अभियान को पूरी तरह गोपनीय और सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न थाना प्रभारियों के नेतृत्व में कुल 29 विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस रणनीतिक चक्रव्यूह में लगभग 87 पुलिस पदाधिकारियों और जांबाज पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था, जिन्होंने बुधवार की रात जिले के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।

​रात भर चली इस ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान हजारीबाग पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है:

  • कुल गिरफ्तारियां: विभिन्न थानों की पुलिस टीमों ने कुल 31 फरार अपराधियों/अभियुक्तों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
  • वारंट और कुर्की: लंबे समय से अदालती आदेशों को ठेंगा दिखा रहे फरार आरोपियों के खिलाफ कुल 31 वारंट और कुर्की (Property Attachment) का त्वरित निष्पादन किया गया।

अपराधियों को एसपी की दोटूक— आगे भी जारी रहेगी ऐसी ही सख्त कार्रवाई

​हजारीबाग पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी अपराधियों और फरार वारंटियों के खिलाफ इस प्रकार के सख्त और औचक छापामारी अभियान जारी रहेंगे।

📢 आम जनता से हजारीबाग पुलिस की अपील:

"आपके आसपास या इलाके में यदि कोई भी ऐसा आपराधिक तत्व का व्यक्ति रह रहा है, जो पुलिस की गिरफ्तारी या अदालत के डर से भागा-भागा फिर रहा है, तो उसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और पुलिस तत्काल मामले का सत्यापन करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।"

📋 न्यूज़ प्रहरी लीगल गाइड (POCSO Act & Contemporary Campaign Context)

​📌 पोक्सो एक्ट और समकालीन अभियान: जानिए क्यों इन मामलों में पुलिस होती है इतनी सख्त?

  1. पोक्सो (POCSO) कानून की गंभीरता: लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत दर्ज मामलों में आरोपियों को कोर्ट से आसानी से जमानत नहीं मिलती। इसमें त्वरित जांच और चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य होता है।
  2. क्या होता है समकालीन अभियान (Contemporary Campaign)?: जब पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के सभी थानों की पुलिस एक ही रात या एक ही समय पर किसी विशेष श्रेणी के अपराधियों (जैसे फरार वारंटी या पोक्सो आरोपी) के खिलाफ सामूहिक रूप से छापेमारी करती है, तो उसे समकालीन अभियान कहा जाता है। इससे अपराधियों को संभलने का मौका नहीं मिलता।
  3. कुर्की (Kurki) की प्रक्रिया: जब कोई आरोपी कोर्ट के समन और वारंट के बाद भी खुद को सरेंडर नहीं करता, तो अदालत सीआरपीसी की धारा 82/83 के तहत उसकी संपत्ति कुर्क (जब्त) करने का आदेश देती है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: अपराधियों में खौफ पैदा करेगा यह विशेष अभियान (Editorial)

महिला सुरक्षा की दिशा में हजारीबाग पुलिस का समयबद्ध और सराहनीय कदम

सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केवल एफआईआर दर्ज करना काफी नहीं है, बल्कि अपराधियों में कानून का खौफ होना भी उतना ही जरूरी है। हजारीबाग पुलिस द्वारा बुधवार की रात चलाया गया यह विशेष समकालीन अभियान इसी दिशा में एक कड़ा और स्वागत योग्य कदम है।

एक ही रात में 29 टीमों का गठन कर 31 पोक्सो और महिला उत्पीड़न के फरार आरोपियों को दबोचना यह दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन इस विषय को लेकर बेहद गंभीर है। अक्सर देखा जाता है कि पोक्सो के आरोपी ग्रामीण इलाकों में रसूख या डर का माहौल बनाकर घूमते हैं, जिससे पीड़ित परिवारों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इस तरह के औचक और बड़े अभियानों से न केवल पीड़ितों का न्याय प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाएगा कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं। जरूरत इस बात की है कि गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों के मामलों में पुलिस कोर्ट में भी उतनी ही तेजी से पैरवी करे, ताकि इन्हें जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): पुलिस मुख्यालय, हजारीबाग जिला।

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