हजारीबाग सदर अस्पताल में विक्की कुमार धान की पहल से समाप्त हुआ धरना: प्रशासन ने दिया लिखित आश्वासन, मृतका के पति को नगर निगम में मिलेगा रोजगार
"सुबह 5 बजे से धरने पर बैठे थे चोरहेता निवासी रोहित राम के परिजन; अंचलाधिकारी और अस्पताल प्रबंधन से वार्ता के बाद एंबुलेंस से शव को गांव भिजवाया"
अस्पताल एवं प्रशासनिक ब्यूरो, हजारीबाग:
हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सदर प्रखंड के चोरहेता गांव निवासी सुषमा कुमारी (पति रोहित राम) की मृत्यु के बाद रविवार को सदर अस्पताल परिसर में उपजा तनावपूर्ण माहौल शांत हो गया है। सुबह से ही धरने पर बैठे पीड़ित परिजनों की मांगों को जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन तक पहुंचाने में पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सक्रिय मध्यस्थता और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई लंबी वार्ता के बाद प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने अपना धरना समाप्त किया और अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी।
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| Hazaribagh Sadar Hospital Protest |
सुबह 5 बजे से कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर अड़े थे परिजन
जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ने वाली महिला सुषमा कुमारी के परिजन रविवार सुबह लगभग 5 बजे से ही सदर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मुख्य मांग थी कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों एवं ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग कर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में स्थानीय ग्रामीणों और समर्थकों की भारी भीड़ जुटने लगी, जिससे पूरा माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था।
प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता, नगर निगम में नौकरी और बच्चे के पालन-पोषण का मिला आश्वासन
तनाव की सूचना मिलते ही विक्की कुमार धान अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी मांगों को समझा। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की पहल की। उनकी सक्रियता के बाद सदर अस्पताल प्रबंधन के प्रतिनिधि, सदर अंचलाधिकारी (CO), गुरहेत पंचायत के मुखिया महेश तिग्गा तथा अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और वार्ता की मेज सजी। कई घंटों की लंबी बातचीत के बाद प्रशासन की ओर से परिजनों को लिखित आश्वासन सौंपा गया। इस लिखित समझौते में मृतका के पति रोहित राम को नगर निगम में रोजगार उपलब्ध कराने तथा मृतका के छोटे नवजात बच्चे के पालन-पोषण के लिए सरकारी सहयोग देने का कड़ा आश्वासन दिया गया है।
पोस्टमार्टम कराकर सम्मानपूर्वक शव को चोरहेता गांव पहुंचाया
लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। धरना समाप्त होने के बाद भी विक्की कुमार धान लगातार पीड़ित परिवार के साथ अस्पताल में बने रहे। उन्होंने प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करवाते हुए मृतका के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न कराई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस की व्यवस्था करवाकर शव को सम्मानपूर्वक चोरहेता गांव स्थित उनके पैतृक आवास तक भिजवाया, जिससे शोकाकुल परिवार को इस संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान समाजसेवी अमित कुमार दास, करण कुमार, रोहित कुमार सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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