-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C

झारखंड के कोयलांचल में भारी बवाल: "बिजली नहीं तो कोयला नहीं" के नारे के साथ जेएलकेएम नेता बिहारी महतो ने सीसीएल अधिकारियों को घेरा

झारखंड: JLKM नेता बिहारी महतो ने CCL अधिकारियों को घेरा। बिजली संकट पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, कहा- 'बिजली नहीं तो कोयला नहीं'।
0

झारखंड के कोयलांचल में भारी बवाल: "बिजली नहीं तो कोयला नहीं" के नारे के साथ जेएलकेएम नेता बिहारी महतो ने सीसीएल अधिकारियों को घेरा

"850 आधिकारिक अलॉटमेंट पर फल-फूल रहीं 2000 अवैध कॉलोनियां; भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों ने बीच सड़क पर रोकीं प्रशासनिक गाड़ियां"— विशेष रिपोर्ट

प्रशासनिक एवं कोयलांचल ब्यूरो, झारखंड

  • रिपोर्टर: विशेष संवाददाता (News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी एवं जेएलकेएम (JLKM) क्षेत्र समिति (दिनांक: 11 जून 2026)

कोयलांचल क्षेत्र:

झारखंड के स्थानीय कोयलांचल क्षेत्र में बिजली कटौती और कथित प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ जन-आक्रोश फूट पड़ा है। बिजली संकट और अवैध अतिक्रमण की समस्या से त्रस्त सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों ने JLKM (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) के दिग्गज नेता और पूर्व प्रत्याशी बिहारी महतो के नेतृत्व में CCL (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) के अधिकारियों के काफिले को बीच सड़क पर रोक लिया। भीषण और चिलचिलाती धूप में ग्रामीणों ने अधिकारियों की गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ने दिया और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा बल के जवान अधिकारियों को सुरक्षित निकालने और स्थिति को संभालने में भारी मशक्कत करते दिखे।

"झारखंड के कोयलांचल में भारी बवाल! जेएलकेएम नेता बिहारी महतो के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीसीएल अधिकारियों को बीच सड़क पर बंधक बना लिया!"

"हम जनता की आवाज हैं, इसे दबा नहीं पाओगे" – बिहारी महतो

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बिहारी महतो ने सीसीएल के अधिकारियों और इंजीनियरों को आड़े हाथों लेते हुए उनके दुर्व्यवहार पर कड़े सवाल दागे। उन्होंने बेहद आक्रोशित लहजे में अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं और पिछले 5 दिनों से अधिकारी उनसे बात करने से बच रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 6 महीने पहले भी यहाँ ऐसी ही घटना घटी थी, लेकिन विभाग ने जांच रिपोर्ट पूरी किए बिना ही एकतरफा कार्रवाई करते हुए बिजली के कनेक्शन काट दिए और स्थानीय मूल निवासियों को परेशान करना शुरू कर दिया।

https://www.newsprahari.in/2026/06/hazaribagh-katkamdag-youth-climbs-mobile-tower-over-land-mutation-pending-2026.html

आवास आवंटन में महाघोटाला: भ्रष्टाचार के लगे गंभीर आरोप

​आंदोलनकारियों ने सीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर अवैध निर्माण और संगठित बिजली चोरी को बढ़ावा देने का सीधा आरोप लगाया। बिहारी महतो ने अधिकारियों के सामने ऑन-द-स्पॉट दावा किया कि इस क्षेत्र में केवल 800 से 850 आवासों को ही आधिकारिक अलॉटमेंट (वैध आवंटन) मिला है, लेकिन विभागीय मिलीभगत के कारण यहाँ 2000 से अधिक अवैध कॉलोनियां बस चुकी हैं। विभाग के कुछ भ्रष्ट इंजीनियर और अधिकारी मोटी रकम लेकर इन अवैध निर्माणों को संरक्षण दे रहे हैं, जिसका सीधा खामियाजा यहाँ के मूल निवासियों को भारी बिजली कटौती और लो-वोल्टेज के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

"तुम्हें एसी मुबारक, हमें हमारी बिजली दो"

​इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत स्थानीय महिलाएं और बच्चे बने, जो भीषण गर्मी में भी तख्ती और बैनर लेकर सड़कों पर डटे रहे। जब अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से हटने और अपनी गाड़ियों में बैठकर वार्ता करने का आग्रह किया, तो महिलाओं का गुस्सा भड़क उठा। एक महिला ने अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी एसी गाड़ियों में बैठें, जनता तब तक टस से मस नहीं होगी जब तक हक की बिजली बहाल नहीं हो जाती।

'बिजली नहीं तो कोयला नहीं' का अल्टीमेटम, चक्का जाम की चेतावनी

​काफी देर तक चली तीखी नोकझोंक के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच करने और बिजली सुचारू करने का आश्वासन दिया, जिसे ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया। JLKM नेताओं और ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि पहले क्षेत्र में बिजली की सुचारू आपूर्ति शुरू की जाए, जांच उसके बाद होती रहेगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट नारा दिया है कि "बिजली नहीं तो कोयला नहीं"—यानी अगर स्थानीय लोगों को बिजली नहीं मिली, तो कोयले का परिवहन और सीसीएल का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। क्षेत्र में फिलहाल टाईगर जयराम महतो की विचारधारा और क्रांतिकारी नारों के साथ ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है और भारी पुलिस बल तैनात है।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (कोलियरी नियम एवं नागरिक अधिकार / CCL Guidelines & Public Rights)

​📌 जानिए कोलियरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और अवैध कॉलोनियों को लेकर क्या हैं विधिक नियम?

  • कोलियरी कमांड एरिया और बिजली अधिकार: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के तहत आने वाले कमांड एरिया में बिजली की बुनियादी आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रबंधन की विधिक जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है। यदि बुनियादी सुविधाओं (बिजली-पानी) में कटौती होती है, तो नागरिक औद्योगिक विवाद अधिनियम और स्थानीय जनसुनवाई पोर्टल्स के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • अवैध बिजली कनेक्शन और लीज नियम: कोल इंडिया के नियमों के तहत अनधिकृत आवासों या कॉलोनियों को बिजली देना भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत 'बिजली चोरी' (Power Theft) की श्रेणी में आता है। यदि अधिकारी सांठगांठ कर अवैध कनेक्शन देते हैं, तो उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के तहत सीधे विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: कोयलांचल की संपदा पर पहला हक यहां के मूल निवासियों का (Editorial)

जनता को अंधकार में रखकर अरबों का कोयला निकालना बंद करे सीसीएल प्रबंधन

झारखंड का कोयलांचल क्षेत्र पूरे देश को रोशन करता है, लेकिन यह कितनी बड़ी विडंबना है कि यहाँ के मूल निवासी खुद भीषण गर्मी में बिजली की एक-एक बूंद (यूनिट) के लिए तरस रहे हैं। जेएलकेएम नेता बिहारी महतो द्वारा उठाया गया 2000 अवैध कॉलोनियों का मुद्दा सीधे तौर पर सीसीएल के भीतर चल रहे गहरे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। जब वैध उपभोक्ताओं और मूल निवासियों के हक की बिजली भ्रष्ट तंत्र की वजह से अवैध कॉलोनियों में डायवर्ट की जाएगी, तो ऐसा जनाक्रोश भड़कना स्वाभाविक है। 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि सीसीएल प्रबंधन को "बिजली नहीं तो कोयला नहीं" के इस अल्टीमेटम को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जांच रिपोर्टों को दबाने वाले इंजीनियरों पर तत्काल कार्रवाई हो और स्थानीय जनता को अविलंब निर्बाध बिजली दी जाए।

और पढ़ें :कटकमदाग अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल: म्यूटेशन के लिए भटक रहे युवक के टावर पर चढ़ने से मचा हड़कंप, स्थानीय प्रशासन मौन



No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972