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Editor: Naresh Prasad Soni
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केंद्र सरकार की 'स्माइल' योजना से संवर रही वंचितों की जिंदगी: आजीविका और उद्यम के लिए जारी हुए 265 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार की 'स्माइल' योजना के तहत वंचितों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए ₹265 करोड़ जारी। 36 राज्यों में आजीविका अभियान शुरू।
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केंद्र सरकार की 'स्माइल' योजना से संवर रही वंचितों की जिंदगी: आजीविका और उद्यम के लिए जारी हुए 265 करोड़ रुपये

"सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के राष्ट्रीय अभियान के तहत 36 राज्यों में काम शुरू; ट्रांसजेंडर और हाशिए के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की बड़ी पहल"— विशेष रिपोर्ट

राष्ट्रीय ब्यूरो, नई दिल्ली:

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा हाशिए पर जीवन बसर करने वाले नागरिकों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और आजीविका की तलाश में भटक रहे लोगों को सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी 'स्माइल' (SMILE - आजीविका और उद्यम हेतु लाभ वंचित व्यक्तियों को सहायता) योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस राष्ट्रीय कल्याणकारी योजना के प्रभावी संचालन के लिए वर्ष 2021 से 2026 की अवधि के दौरान कुल 265 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे पिछड़े और वंचित तबके को सीधे तौर पर आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

GOI SMILE Scheme Benefits

देश के सभी 36 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में क्रियान्वित है कल्याणकारी योजना

मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, स्माइल योजना को देश के सभी 36 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) में पूरी मजबूती के साथ लागू किया गया है। योजना के तहत अब तक 33,189 नागरिकों को विशिष्ट पहचान प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल पा रहा है। इसके अलावा, वंचित वर्ग की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 147 आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई (PM-JAY) कार्ड जारी किए गए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के ससम्मान जीवन यापन के लिए 16 राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों में कुल 20 'गरिमा गृह' (Shelter Homes) सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।

आजीविका प्रशिक्षण, रोजगार मेले और मुफ्त आवास की मिली प्रत्यक्ष मंजूरी

शहरी क्षेत्रों में बेघर और जरूरतमंद लोगों को पक्का आवास देने की दिशा में इस योजना के अंतर्गत पीएमएवाई (शहरी) के तहत 2,172 घरों को आधिकारिक मंजूरी दी जा चुकी है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 296 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को सीधे तौर पर सहायता प्रदान की गई है और उनके बीच 3.12 करोड़ रुपये के ऋण संवितरित (वितरित) किए गए हैं। इसके साथ ही, आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने के लिए 725 व्यक्तियों को कौशल विकास का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि मंत्रालय द्वारा आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 223 लाभार्थियों को सीधे तौर पर रोजगार सहायता प्रदान की गई है।

हेल्पलाइन 14427 और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए मिल रहा है त्वरित समाधान

तकनीकी और विधिक सहायता को सुगम बनाने के लिए ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय पोर्टल कार्यरत है। इसके माध्यम से बहुभाषी पहुंच सुनिश्चित करते हुए ऑनलाइन प्रमाण-पत्र और आधिकारिक आई-डी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सहायता के लिए सरकार द्वारा एक समर्पित राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14427 का संचालन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस हेल्पलाइन पर मदद के लिए कुल 2,374 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनका त्वरित निवारण किया गया। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा के तहत एनपीएस (NPS) में 1,728 लाभार्थियों को सफलतापूर्वक नामांकित किया गया है।

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