सांसद खेल महोत्सव-2026 और नमो फुटबॉल टूर्नामेंट की तैयारी: वर्ल्ड क्लास स्तर पर होगा आयोजन, 22 प्रखंडों में एक साथ गूंजेगी खेल की गूंज
"राजनीति से परे खेल के महाकुंभ का संकल्प; 1500 से अधिक टीमों के 25 हजार खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच, जर्सी किट से लेकर डेटाबेस तक पर जोर"— हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
- रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): सांसद जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग
हजारीबाग:
झारखंड की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के हुड़हुडू स्थित फुडीज कैफे सभागार में आगामी 'सांसद खेल महोत्सव-2026' और 'नमो फुटबॉल टूर्नामेंट' के भव्य आयोजन को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लोकसभा क्षेत्र के सभी सांसद प्रतिनिधि, खेल विशेषज्ञ, रेफरी और टूर्नामेंट के सफल संचालन से जुड़े गणमान्य लोग शामिल हुए। इस दौरान टूर्नामेंट को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक अनुशासित, भव्य और प्रोफेशनल बनाने पर विशेष चर्चा की गई।
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| 🎯 इस बार क्या होगा खास? 1. 22 प्रखंडों में एक साथ महा-मुकाबले, 2. खिलाड़ियों के लिए वर्ल्ड क्लास जर्सी किट, 3. फुटबॉल के साथ अन्य स्थानीय खेलों का समागम। |
महामंथन के मुख्य बिंदु: खेल प्रतिभाओं का डेटाबेस और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
बैठक में तय किया गया कि इस वर्ष का खेल महाकुंभ कई मायनों में ऐतिहासिक होगा:
- त्वरित आयोजन: टूर्नामेंट को महज एक पखवाड़े (15 दिन) के भीतर संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी 22 प्रखंडों में एक सप्ताह के भीतर मैच शुरू कर दिए जाएंगे।
- प्रोफेशनल किट: इस वर्ष खिलाड़ियों को पारंपरिक तरीके के स्थान पर एक आकर्षक किट बैग प्रदान किया जाएगा, जिसमें 15 सेट वर्ल्ड क्लास जर्सी उपलब्ध होगी।
- खिलाड़ियों का डेटाबेस: टूर्नामेंट में शामिल होने वाले फुटबॉल और अन्य स्थानीय खेलों के खिलाड़ियों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में उन्हें उचित मार्गदर्शन और अवसर मिल सके।
- रणनीतिक स्थल चयन: आयोजन समिति ऐसे खेल मैदानों और समय का चयन करेगी जहां दर्शकों की भारी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़े और स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिल सके।
"खेल युवाओं को नशाखोरी और आपराधिक मानसिकता से बचाते हैं"— सांसद मनीष जायसवाल
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि खेल का आयोजन राजनीति से पूरी तरह प्रेरित नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक विकास का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा, "यह टूर्नामेंट केवल हजारीबाग ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड का सबसे बड़ा खेल समागम है, जहां गत वर्ष 1500 टीमों के लगभग 25 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया था। हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशाखोरी, अपराध और नकारात्मकता से दूर रखकर उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सामाजिक विकास की मुख्यधारा में जोड़ना है।"
बैठक में दिग्गजों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न विधानसभाओं के सांसद प्रतिनिधियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। बैठक में सत्येंद्र नारायण सिंह (सांसद प्रतिनिधि), विनोद झुनझुनवाला (सह सांसद प्रतिनिधि), राजीव जायसवाल (रामगढ़), किशोरी राणा (सदर), द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह (मांडू), पूनम साहू (बड़कागांव), मुकुंद साव (बरही) के साथ सीसीएल सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रेणुका साहू, दामोदर साव, अनूप ठाकुर, इन्द्रनारायण कुशवाहा, बालदेव बाबू, कृष्णा साव, शिव साहू, बंटी तिवारी, भाजपा नेता अनिल मिश्रा, मुकेश कुमार, रंजन चौधरी और रूपम ओझा सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: सांसद खेल महोत्सव और झारखंड में खेल संस्कृति का भविष्य (Editorial)
सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, एक 'स्पोर्ट्स इकोसिस्टम' बनाने की दिशा में सांसद का यह प्रयास सराहनीय
हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल द्वारा लगातार आयोजित किए जा रहे 'सांसद खेल महोत्सव' ने झारखंड की खेल राजनीति को एक नई दिशा दी है। 25 हजार खिलाड़ियों का समागम कोई छोटी संख्या नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण युवाओं में अपार क्षमता है, बस उन्हें उचित संसाधनों और मंच की आवश्यकता है। 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि इस बार 'डेटाबेस' तैयार करने का निर्णय सबसे महत्वपूर्ण है। यदि इन खिलाड़ियों के कौशल का आकलन किया जाए और उन्हें राज्य स्तरीय एकेडमी से जोड़ा जाए, तो हजारीबाग आने वाले समय में झारखंड की खेल राजधानी बन सकता है। टूर्नामेंट को 15 दिन में संपन्न करने का निर्णय अनुशासन के प्रति आयोजन समिति की गंभीरता को दर्शाता है, लेकिन चुनौती प्रखंड स्तर पर मैदानों के रखरखाव और रेफरी की निष्पक्षता की होगी। खेल को राजनीति से दूर रखने का संकल्प यदि धरातल पर पूरी तरह दिखता है, तो यह आयोजन निश्चित रूप से झारखंड में खेल के विकास का एक बेंचमार्क बनेगा।

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