हजारीबाग: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्र औद्योगिक प्रशिक्षण के बाद लौटे, 'तलवार फार्मा' में सीखे दवा निर्माण के गुर
हजारीबाग: शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से हजारीबाग स्थित ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के बी.फार्मा (B.Pharma) के छात्र-छात्राओं ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज के विद्यार्थी सफलतापूर्वक अपना औद्योगिक प्रशिक्षण (Industrial Training) पूर्ण कर पुनः अपनी नियमित शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल हो गए हैं।
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| Hazaribagh: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्रों ने रुड़की में सीखी दवा बनाने की लाइव तकनीक! |
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने रुड़की स्थित प्रतिष्ठित 'तलवार फार्मा' (Talwar Pharma) में आधुनिक औषधि निर्माण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
अत्याधुनिक मशीनों पर लाइव टैबलेट प्रोसेसिंग और कैप्सूल फिलिंग का सीखा हुनर
प्रशिक्षण के दौरान फार्मास्युटिकल क्षेत्र की बारीकियों को समझने के लिए छात्रों ने फैक्ट्री के विभिन्न प्रभागों का दौरा किया। विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों के माध्यम से दवा निर्माण की संपूर्ण उत्पादन श्रृंखला को विस्तार से समझाया गया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पैलेट (Pellets) निर्माण की अत्याधुनिक तकनीक।
- कैप्सूल फिलिंग और टैबलेट प्रोसेसिंग की ऑटोमैटिक प्रणालियाँ।
- दवाओं की सुरक्षित और मानकों के अनुरूप की जाने वाली पैकिंग प्रक्रिया।
इस व्यावहारिक प्रशिक्षण का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि विद्यार्थियों ने कॉलेज की कक्षाओं में प्राप्त अपनी सैद्धांतिक (Theoretical) जानकारी को वास्तविक औद्योगिक मशीनों और उत्पादन प्रक्रिया से जोड़कर गहराई से समझा।
डॉ. विपिन कुक्कर का रहा महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
इस पूरे औद्योगिक प्रशिक्षण को सफल और ज्ञानवर्धक बनाने में डॉ. विपिन कुक्कर का विशेष योगदान रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को फार्मास्यूटिकल उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से रूबरू कराते हुए निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी:
- गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control - QC): दवाओं की शुद्धता और मानकों की जांच कैसे होती है।
- गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP): वैश्विक स्तर पर दवा निर्माण के कड़े नियम और निर्देश।
- उत्पादन प्रबंधन: बड़े पैमाने पर दवाओं के सुरक्षित और तकनीकी उत्पादन के गुर।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफलतापूर्वक समापन पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को आधिकारिक प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र (Training Certificate) प्रदान किए गए, जिसे छात्रों ने अपने करियर के लिए मील का पत्थर बताया।
ऋषिकेश का शैक्षणिक भ्रमण और सांस्कृतिक अनुभव
औद्योगिक ज्ञान अर्जन के ठीक अगले दिन विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने और उन्हें सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करने के लिए ऋषिकेश का एक शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान छात्रों ने पवित्र गंगा तट, ऋषिकेश के प्रसिद्ध धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का दीदार किया और उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
विद्यार्थियों के सुरक्षित और सफलतापूर्वक वापस लौटने पर महाविद्यालय प्रबंधन ने प्रसन्नता व्यक्त की। प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को निखारने, उनके समग्र व्यक्तित्व विकास (Personality Development) तथा उद्योग जगत की वास्तविक समझ को सुदृढ़ बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे भविष्य में बच्चों की रोजगार क्षमता (Employability) में और अधिक वृद्धि होगी।

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