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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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चुनावी प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम-पता अनिवार्य, नियमों की अनदेखी करने पर होगी छह माह की जेल-मीडिया कोषांग


चुनावी प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम-पता अनिवार्य, नियमों की अनदेखी करने पर होगी छह माह की जेल-मीडिया कोषांग

हजारीबाग

नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 की शुचिता और पारदर्शिता को अक्षुण्ण रखने की दिशा में हजारीबाग जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को समाहरणालय भवन में मीडिया कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई, जिसमें जिले के प्रमुख प्रिंटिंग प्रेस संचालकों, मुद्रकों और प्रकाशकों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान मुद्रित होने वाली प्रचार सामग्रियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराना था। इस दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार सहित विभाग के अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे।

बैठक में नोडल पदाधिकारी ने मुद्रकों को सख्त हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में ऐसे चुनावी पैम्फलेट, पोस्टर या बैनर का मुद्रण नहीं किया जाएगा, जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक और प्रकाशक का स्पष्ट नाम और पता अंकित न हो। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत छह माह का कारावास या जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी आपत्तिजनक या अज्ञात स्रोत वाली सामग्री चुनाव प्रचार के दौरान प्रसारित न हो सके। कानून के मुताबिक, किसी भी सामग्री को छापने से पहले प्रकाशक द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा पत्र और उसे व्यक्तिगत रूप से जानने वाले दो गवाहों का सत्यापन लेना मुद्रक के लिए अनिवार्य होगा।

प्रिंट मीडिया के अलावा इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल प्रचार माध्यमों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। बैठक में जानकारी दी गई कि यदि कोई भी प्रत्याशी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क, बल्क एसएमएस या वॉयस मैसेज के जरिए अपने राजनीतिक विज्ञापन का प्रसारण करना चाहता है, तो उसे इसके लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी। ऐसे विज्ञापनों के प्रसारण से पूर्व जिला स्तरीय मीडिया एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) के समक्ष विहित प्रपत्र में आवेदन समर्पित करना अनिवार्य होगा। बैठक के समापन पर नोडल पदाधिकारी ने लोकतंत्र के इस महापर्व को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी मुद्रकों और मीडिया संस्थानों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की अपील की।

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