घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने से बिजली बिल होगा शून्य, अतिरिक्त बिजली बेचकर नागरिक कमा सकेंगे आर्थिक लाभ
संवाददाता, हजारीबाग:
ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) को बढ़ावा देने की दिशा में हजारीबाग जिले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर के बंशीलाल चौक, मंगल बाजार के समीप गुरुवार को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के क्षेत्रीय कार्यालय का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल उपस्थित थे, जिन्होंने फीता काटकर कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सौर ऊर्जा के तकनीकी व आर्थिक लाभों को लेकर एक विस्तृत कार्यशाला भी आयोजित की गई।
![]() |
| Hazaribag-MP-Manish-Jaiswal-inaugurating-PM-Surya-Ghar-Yojana-office-at-Banshilal-Chowk |
बिहार और झारखंड के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल तैयार
इस जनहितकारी योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए हेमंत कुमार ने फ्रेंचाइजी ली है, जिनके पास बिहार और झारखंड दोनों राज्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसद मनीष जायसवाल का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। इसके उपरांत, सांसद ने इस योजना के क्षेत्र के प्रथम लाभार्थी सुनील केशरी को सम्मानित करते हुए उनकी पर्यावरण-अनुकूल पहल की सराहना की। इस दौरान कार्यालय में उपस्थित अनेक स्थानीय नागरिकों ने अपने आवासीय परिसरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने के प्रति गहरी रुचि दिखाई।
राष्ट्रीय स्तर पर सौर ऊर्जा के आंकड़ों का उल्लेख
अपने संबोधन में सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक युगांतकारी कदम है। उन्होंने वैश्विक और राष्ट्रीय उदाहरण देते हुए बताया कि गुजरात के अहमदाबाद में लगभग 90 प्रतिशत घरों की छतों पर सोलर पैनल कार्य कर रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में भी करीब 45 प्रतिशत परिवार सौर ऊर्जा का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। झारखंड में भी इस योजना का तेजी से प्रसार आवश्यक है ताकि यहाँ के नागरिक पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ सस्ती व निर्बाध बिजली का लाभ उठा सकें।
₹78 हजार की सब्सिडी और वित्तीय लाभ
सांसद ने योजना के वित्तीय पहलुओं की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि:
- आर्थिक बचत: घरों में सोलर सिस्टम लगाने से पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी, जिससे मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा।
- अतिरिक्त आय: उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली को सीधे विद्युत विभाग (ग्रिड) को वापस बेच सकते हैं, जिससे उन्हें नियमित आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
- सरकारी अनुदान: केंद्र सरकार इस योजना के तहत सुपात्र लाभार्थियों को ₹78 हजार तक की वित्तीय सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे सौर उपकरणों की स्थापना लागत बेहद कम हो गई है।
सीमित समय के लिए सब्सिडी का लाभ उठाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान नीलेंदु जयपुरियार ने तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बिंदु साझा किया। उन्होंने सचेत किया कि इस योजना के तहत मिलने वाली भारी सब्सिडी को आगामी समय में समाप्त या कम किया जा सकता है। इसलिए, हजारीबाग और आसपास के नागरिकों को समय रहते इस विधिक और आर्थिक छूट का लाभ उठाकर अपने घरों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित कर लेना चाहिए।
इस उद्घाटन समारोह में योजना का लाभ सुनिश्चित कराने वाले राहुल राणा, राजीव सिन्हा और प्रभात कुमार सहित कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम को सफल बनाने में बबलू सिंह, विजय श्री, हरीश श्रीवास्तव, के.पी.ओझा, किशोरी राणा, रंजन चौधरी, सिब्रोटी चेटरजी, सुनील सिन्हा, अमरेंद्र कुमार, पंचम, विशाल और सनी सहित सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
