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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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जल संरक्षण की ओर बढ़ते कदम: जी.एम. महाविद्यालय इचाक में 'जल पखवाड़ा 2026' के तहत प्रजल शपथ का आयोजन

हजारीबाग: जी.एम. महाविद्यालय इचाक में गूंजा 'जल ही जीवन' का संकल्प; प्रजल शपथ से जल संरक्षण का आह्वान

 "जल पखवाड़ा 2026" के तहत प्राचार्य शंभू कुमार की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्रों ने लिया वर्षा जल संचयन का संकल्प।

जल संरक्षण की ओर बढ़ते कदम: जी.एम. महाविद्यालय इचाक में 'जल पखवाड़ा 2026' के तहत प्रजल शपथ का आयोजन

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

इचाक (हजारीबाग): जल की हर एक बूंद को भविष्य के लिए सहेजने के उद्देश्य से आज जी.एम. महाविद्यालय, इचाक के प्रांगण में “जल पखवाड़ा: 2026” के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य शंभू कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'प्रजल (प्रज्ञा + जल) शपथ' रहा, जिसमें कॉलेज के छात्र-छात्राओं सहित पूरे शैक्षणिक स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई।

आप अपने घर में जल बचाने के लिए क्या उपाय करते हैं? कमेंट में बताएं।

सामूहिक सहभागिता से बनेगा जन-आंदोलन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य शंभू कुमार ने जल संकट की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "वर्तमान समय में जिस गति से जल स्तर नीचे जा रहा है, वह पूरी मानवता के लिए खतरे की घंटी है। जल ही जीवन का आधार है और इसके बिना अस्तित्व की कल्पना करना भी व्यर्थ है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण को केवल एक सरकारी अभियान न मानकर एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा।

शिक्षक रंजन कुमार ने दिलाई 'प्रजल शपथ'

समारोह के दौरान महाविद्यालय के शिक्षक रंजन कुमार ने सभी उपस्थित प्रतिभागियों को 'प्रजल शपथ' दिलाई। इस संकल्प के माध्यम से छात्रों और कर्मचारियों ने वचन दिया कि:

वे दैनिक जीवन में जल का दुरुपयोग नहीं करेंगे।

अपने घरों और आसपास वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को बढ़ावा देंगे।

पारंपरिक जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएंगे और उन्हें स्वच्छ रखेंगे।

समाज के अन्य लोगों को भी जल की महत्ता समझाकर जागरूक करेंगे।

सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने अत्यंत प्रभावी ढंग से किया। इस अवसर पर अजीत हांसदा, संजीत कुमार यादव, रवि महतो और पार्वती कुमारी जैसे प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक तरीकों के मेल से जल बचाने के सुझाव दिए।

अंत में, प्रभारी शिक्षक पंकज कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय प्रशासन इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए छात्रों में सामाजिक चेतना जगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि 'जल पखवाड़ा 2026' समाज में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।

इनकी रही मुख्य भूमिका

इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में बिनोद कुमार, कृष्ण कुमार, राजकुमार सिन्हा, सुनीता टोप्पो और सोनी कुमारी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामूहिक रूप से जल बचाने के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

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