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Hazaribagh: नगर निगम की बड़ी कार्रवाई; स्वदेशी नेक्स्ट मॉल, सिटी कार्ट और कल्याण ज्वेलर्स सहित कई बड़े शोरूम्स में होल्डिंग टैक्स का री-वेरिफिकेशन, मचा हड़कंप!

 

🏢 हजारीबाग: नगर निगम का बड़ा एक्शन; स्वदेशी नेक्स्ट मॉल, सिटी कार्ट और कल्याण ज्वेलर्स सहित कई बड़े प्रतिष्ठानों में होल्डिंग टैक्स का री-वेरिफिकेशन

हजारीबाग: शहरी क्षेत्र में राजस्व संग्रह को दुरुस्त करने और टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में संचालित हो रहे बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के होल्डिंग टैक्स का री-वेरिफिकेशन (पुनः सत्यापन) अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को निगम की विशेष राजस्व टीम ने शहर के कई नामचीन मॉल्स, शॉपिंग आउटलेट्स और बड़े ज्वेलरी शोरूम्स में औचक जांच अभियान चलाया।

HAZARIBAGH: Municipal Corporation Revenue Nodal Officer Pritam Kumar and team conducting holding tax re-verification at major commercial establishments.

🔍 स्वदेशी नेक्स्ट मॉल और कल्याण ज्वेलर्स सहित 5 बड़े प्रतिष्ठानों की हुई जांच

मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राजस्व शाखा के नोडल प्राधिकारी प्रीतम कुमार एवं नगर निगम की विशेष टीम ने शहर के मुख्य व्यावसायिक इलाकों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने निम्नलिखित बड़े और प्रमुख प्रतिष्ठानों के होल्डिंग टैक्स से जुड़े दस्तावेजों और उनके वास्तविक क्षेत्रफल का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया:

  • स्वदेशी नेक्स्ट मॉल

  • सिटी कार्ट

  • सेंको गोल्ड

  • कल्याण ज्वेलर्स

  • न्यू फ्रंटियर

जांच के दौरान निगम अधिकारियों ने इन सभी प्रतिष्ठानों के वर्तमान होल्डिंग टैक्स असेसमेंट (कर निर्धारण), कारपेट एरिया, पूर्व में जमा किए गए टैक्स की रसीदें और व्यावसायिक उपयोग से जुड़े अन्य तकनीकी दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की।

⚠️ टैक्स विसंगति मिलने पर लगेगा भारी जुर्माना; अभियान रहेगा जारी

राजस्व शाखा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस री-वेरिफिकेशन अभियान का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि बड़े व्यावसायिक संस्थान अपने वास्तविक क्षेत्रफल और नियमों के अनुसार सही टैक्स जमा कर रहे हैं या नहीं।

निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा स्व-कर निर्धारण (Self-Assessment) में गड़बड़ी पाई जाती है, वास्तविक क्षेत्रफल को छिपाकर टैक्स कम दिया जा रहा है, या कमर्शियल स्पेस का गलत ब्योरा दर्ज किया गया है, तो वैसे संचालकों के खिलाफ नगर पालिका अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत बकाये टैक्स की वसूली के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यह री-वेरिफिकेशन अभियान किसी एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि यह आगे भी शहर के सभी वार्डों में निरंतर जारी रहेगा।

निगम प्रशासन ने शहर के सभी छोटे-बड़े व्यवसायियों और भवन स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या असुविधा से बचने के लिए अपने होल्डिंग टैक्स का सही विवरण दर्ज करें और समय पर ईमानदारी से टैक्स का भुगतान कर शहर के विकास में सहयोग करें।

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Hazaribagh: नगर निगम का बड़ा फैसला; वार्डों को स्वच्छ बनाने के लिए जनता पर लागू होंगे कड़े नियम, सूखा-गीला कचरा अलग करना अनिवार्य, होगी सघन जांच!

 

🏢 हजारीबाग: स्वच्छ और सुंदर वार्ड बनाने के लिए नगर निगम सख्त; सहायक नगर आयुक्त ने वार्ड सचिवों को दिए कड़े निर्देश, नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई

हजारीबाग: शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों को पूरी तरह स्वच्छ, सुंदर और नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से नगर निगम हजारीबाग अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। नगर आयुक्त के विशेष निर्देशानुसार, गुरुवार (25 जून 2026) को सहायक नगर आयुक्त की अध्यक्षता में सभी वार्ड समिति सचिवों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में शहर की सूरत बदलने के लिए कई कड़े फैसले लिए गए, जिन्हें अब धरातल पर पब्लिक के बीच कड़ाई से लागू किया जाएगा।

HAZARIBAGH: Assistant Municipal Commissioner presiding over an important review meeting with Ward Committee Secretaries at Hazaribagh Municipal Corporation office. (Photo: News Prahari)

🗑️ कचरा प्रबंधन के नियम हुए सख्त; सूखा और गीला कचरा अलग करना अनिवार्य

बैठक में मुख्य रूप से शहर की साफ-सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। अब नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक घर, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए कचरा डंप करने के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:

  • सूखा कचरा: इसके लिए केवल नीले डस्टबिन (Blue Dustbin) का ही उपयोग करना होगा।

  • गीला कचरा: इसे अनिवार्य रूप से हरे डस्टबिन (Green Dustbin) में ही डालना होगा।

  • बल्क वेस्ट जनरेटर: बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (Bulk Waste Generators) की प्राथमिकता के आधार पर पहचान (Identity) करने और उन पर विशेष निगरानी रखने की हिदायत दी गई है।

🚨 होटल, रेस्टोरेंट, विवाह भवन और लॉज की होगी सघन जांच; अतिक्रमण पर चलेगा डंडा

नगर निगम ने शहरी विकास और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों की सघन जांच करने का आदेश दिया है। इसके तहत:

  1. वार्ड क्षेत्रों में संचालित होने वाले सभी होटल, रेस्टोरेंट, छात्रावास (हॉस्टल), लॉज और विवाह भवन (बैंक्वेट हॉल) की कड़ाई से जांच की जाएगी कि वे नियमों के तहत संचालित हो रहे हैं या नहीं।

  2. शहर में अनाधिकृत व अवैध निर्माण, होल्डिंग संबंधी विवरणी में गड़बड़ी और कर निर्धारण (Tax Assessment) में कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  3. सड़कों, गलियों और सार्वजनिक नालियों को जाम करने वाले अतिक्रमण संबंधी मामलों पर त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

💡 स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत और खतरनाक पेड़ों को हटाने के आदेश

जनता से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को सुचारू बनाने के लिए सहायक नगर आयुक्त ने सभी वार्ड सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं की सूची बनाने का निर्देश दिया। बैठक में वार्डों के भीतर सुचारू पेयजल आपूर्ति, जल निकासी के लिए बेहतर सीवरेज व्यवस्था और सभी सड़कों व गलियों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। साथ ही, रात में सुरक्षा के मद्देनजर शत-प्रतिशत पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) की कार्यशीलता बनाए रखने को कहा गया। पर्यावरण और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वार्डों में मौजूद सूखे व खतरनाक पेड़ों को चिन्हित (Identify) करने के आदेश जारी किए गए हैं ताकि उन्हें समय रहते हटाया जा सके। इसके अतिरिक्त पार्कों, खेल मैदानों और सार्वजनिक बाजारों की व्यवस्थाओं को भी जल्द दुरुस्त किया जाएगा।

🤝 शहर को सुंदर बनाने के लिए पब्लिक का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण: सहायक नगर आयुक्त

बैठक के दौरान सहायक नगर आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम चाहे जितने भी नियम बना ले, जब तक आम जनता स्वयं जागरूक नहीं होगी और अपनी नागरिक जिम्मेदारी को नहीं समझेगी, तब तक वार्डों को पूरी तरह स्वच्छ बनाना संभव नहीं है। उन्होंने वार्ड सचिवों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाएं और शहर को सुंदर व नंबर वन बनाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं में पब्लिक का सक्रिय सहयोग सुनिश्चित कराएं।

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Hazaribagh: बिना लाइसेंस चल रहे लॉज-हॉस्टलों पर नगर निगम का कड़ा रुख; बाबू गांव और कृष्णापुरी में औचक निरीक्षण, मिली अंतिम चेतावनी!

​🏢 हजारीबाग: बिना लाइसेंस चल रहे लॉज और हॉस्टलों पर होगी कानूनी कार्रवाई, नगर निगम ने दी सख्त चेतावनी

​हजारीबाग: शहरी क्षेत्र में बिना पंजीकरण और अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के संचालित हो रहे हॉस्टलों और लॉजों के खिलाफ नगर निगम ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 'धर्मशाला, विवाह भवन, बैंक्वेट हॉल, होटल, हॉस्टल, लॉज निर्माण और अनुज्ञप्ति नियमावली 2013' के तहत नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी हॉस्टलों और लॉजों के लिए आधिकारिक लाइसेंस लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ जल्द ही कानूनी डंडा चलेगा।

Assistant Municipal Commissioner Anil Pandey and City Manager Upendra Kumar inspecting hostels at Babu Gaon Chowk

​📍 बाबू गांव चौक और कृष्णापुरी में निगम की टीम का औचक निरीक्षण

​नगर आयुक्त के निर्देश पर बीते कल नगर निगम की एक विशेष टीम द्वारा शहर के प्रमुख छात्र बहुल इलाकों— बाबू गांव चौक तथा कृष्णापुरी का औचक दौरा किया गया। इस अभियान के दौरान:

  • ​टीम ने लगभग 20 से 30 लॉज और हॉस्टलों का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण (Physical Verification) किया।
  • ​निरीक्षण के दौरान बिना लाइसेंस पाए गए संचालकों को जल्द से जल्द नगर निगम से अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के कड़े निर्देश दिए गए।
  • ​अधिकारियों द्वारा संचालकों को लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी भी मौके पर दी गई।

​⚠️ समय पर लाइसेंस नहीं लिया तो सील होंगे लॉज: नगर आयुक्त

​नगर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए शहर के सभी लॉज और हॉस्टल संचालकों को अंतिम चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा के भीतर जिन संचालकों ने नगर निगम से अपनी आधिकारिक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्राप्त नहीं की, उनके खिलाफ निगम प्रशासन द्वारा नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और संस्थान को सील करना भी शामिल है। निगम ने सभी संचालकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा या कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपने दस्तावेजों को जल्द से जल्द दुरुस्त करा लें।

​अभियान में ये अधिकारी रहे शामिल:

इस विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान में मुख्य रूप से असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर अनिल पांडे, सिटी मैनेजर उपेंद्र कुमार, तहसीलदार सूरज कुमार और तहसीलदार उदयराम सहित नगर निगम के कई अन्य कर्मी शामिल थे।

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