अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस: हजारीबाग में जागरूकता रैली व उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित, झाड़-फूंक से बचें और सीधे अस्पताल पहुंचें
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, हजारीबाग द्वारा आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. कपिल मुनि प्रसाद, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. अमरेश कुमार, कुष्ठोपचार केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुभाष प्रसाद तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक समरेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। इसके उपरांत सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में सर्पदंश जागरूकता उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ।
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| Civil Surgeon Dr Ashok Kumar and health officials flagging off snakebite awareness rally in Hazaribagh |
सर्पदंश से बचाव: क्या करें और क्या न करें की दी गई जानकारी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला:
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क्या करें:
- जहां सांप ने काटा है, उस स्थान पर पानी की तेज धार से धोएं ताकि ऊपरी सतह पर लगा विष साफ हो सके।
- पीड़ित को ढांढस बंधाकर शांत रखें ताकि उसका रक्तचाप (बीपी) नियंत्रित रहे; घबराहट और उच्च रक्तचाप से विष शरीर में तेजी से फैलता है।
- यदि हाथ पर डंक लगा हो, तो हाथ को मोड़कर फ्रैक्चर की तरह सहारा देकर लटकाए रखें।
- मरीज का दाहिना पैर मोड़ते हुए उसे बायीं करवट लिटाएं।
- प्राथमिक प्रयास यही होना चाहिए कि पीड़ित को बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाया जाए। सरकारी मेडिकल कॉलेज, सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में एंटी-वेनम दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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क्या न करें:
- दंश वाली जगह पर ब्लेड या चाकू से चीरा न लगाएं, न ही उसे कसकर बांधें या दबाएं।
- मुंह से जहर चूसने या निकालने की बिल्कुल कोशिश न करें।
- पीड़ित को सोने न दें और न ही उसे खड़ा रखें या पैदल चलाएं।
- सबसे महत्वपूर्ण, ओझा-गुणी या झाड़-फूंक के चक्कर में समय नष्ट न करें। देरी होने पर जहर शरीर में फैल जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ. कपिल मुनि प्रसाद, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. अमरेश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुभाष प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक समरेश कुमार सिंह, जिला भीबीडी सलाहकार मेमूर सुल्तान, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. जावेद अहमद, आईडीएसपी डाटा प्रबंधक रूपलाल गोप, जिला आरसीएच व मलेरिया कार्यालय के सभी पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी एवं एएनएमएमटी की छात्राएं उपस्थित रहीं।
