जी.एम. इंटर कॉलेज में भावनाओं के ज्वार के बीच विज्ञान के सितारों को दी गई विदाई, भविष्य की चुनौतियों को फतह करने का भरा जोश
हजारीबाग: प्रतिष्ठित जी.एम. इंटर कॉलेज का प्रांगण उस वक्त भावनाओं और उत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य एवं हृदयस्पर्शी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। पुरातन और नूतन छात्रों के मिलन का यह अवसर केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि यादों के झरोखों से सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का एक प्रेरणादायी पड़ाव सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक विनय कुमार एवं प्राचार्य शंभू कुमार द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं माँ शारदे की वंदना के साथ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मकता का संचार हुआ।
संबोधन की कड़ी में निदेशक विनय कुमार ने विद्यार्थियों को जीवन के यथार्थ से परिचित कराते हुए कहा कि विदाई किसी अध्याय की समाप्ति नहीं बल्कि एक अनंत संभावनाओं वाले नए युग का सूत्रपात है। उन्होंने विज्ञान के छात्रों को राष्ट्र की बौद्धिक संपदा बताते हुए कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और शुचितापूर्ण आचरण को सफलता का आधारभूत स्तंभ बताया। प्राचार्य शंभू कुमार ने भी विद्यार्थियों के मानस पटल पर आत्मविश्वास की अलख जगाते हुए कहा कि महाविद्यालय परिसर में अर्जित ज्ञान और अनुभव उनके जीवन की सबसे मूल्यवान थाती है, जो आगामी परीक्षाओं और जीवन के संघर्षों में उनका संबल बनेगी।
समारोह के सांस्कृतिक खंड ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, जहाँ कनिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विदाई गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को अत्यंत भावपूर्ण बना दिया। कई छात्र अपने बिताए हुए पलों को साझा करते हुए अश्रुपूर्ण नजर आए, जो गुरु-शिष्य परंपरा के प्रगाढ़ स्नेह को प्रदर्शित कर रहा था। इस अवसर पर रंजीत कुमार, सुशीला कुमारी, जयराज कुमार, नितीश कुमार एवं सुधाकर मिश्रा जैसे समर्पित शिक्षकों ने अपने शिष्यों को आशीष देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उत्कृष्ट शैक्षणिक कीर्तिमान स्थापित करने वाले मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके आत्मविश्वास को नवीन ऊंचाइयां मिलीं। स्मृति चिन्हों के वितरण और सामूहिक प्रीतिभोज के साथ संपन्न हुए इस समारोह ने विद्यार्थियों के हृदय में अपने संस्थान के प्रति कृतज्ञता और भविष्य के प्रति एक नई संकल्पशक्ति का बीजारोपण किया।


No comments
Post a Comment