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Editor: Naresh Prasad Soni
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तीखे सवालों के घेरे में भाजपा प्रत्याशी: जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया 'चुनावी अफवाह', कहा- उम्मीदवार की छवि बेदाग

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तीखे सवालों के घेरे में भाजपा प्रत्याशी: जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया 'चुनावी अफवाह', कहा- उम्मीदवार की छवि बेदाग

भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्रेस वार्ता में प्रत्याशी पर लगे अपहरण, जमीन कब्जा और नामांकन संबंधी आरोपों का किया कड़ा खंडन

विशेष संवाददाता: नगर निगम चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।


हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी सुदेश जी को लेकर मीडिया कर्मियों के तीखे सवालों का सामना किया। पत्रकारों ने प्रत्याशी और उनके परिवार पर लगे गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी, जिसका जिलाध्यक्ष ने दृढ़ता से बचाव करते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने प्रत्याशी के चुनाव प्रचार और पत्रकारों से मुलाकात के समय के बारे में सवाल पूछे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि चुनाव में मात्र दो दिन शेष हैं और प्रत्याशी घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं, समय मिलते ही वे मीडिया से भी रूबरू होंगे।

गंभीर आरोपों पर जिलाध्यक्ष का स्पष्टीकरण

माहौल तब गरमा गया जब पत्रकारों ने प्रत्याशी पर कई संगीन आरोप लगाते हुए सवाल दागे। एक पत्रकार ने पूछा कि प्रत्याशी के भाई का संबंध अन्य धर्म से है, उनके परिवार पर डॉक्टर के अपहरण का आरोप है और जमीन कब्जे की भी बातें सामने आ रही हैं।

इन सवालों का जवाब देते हुए जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी या उन्हें ऐसे किसी भी आरोप की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "बाजार में चर्चाएं हो सकती हैं, लेकिन हमारे प्रत्याशी के दामन पर कोई दाग नहीं है। वे एक सुलझे हुए और सामाजिक व्यक्ति हैं।"

नामांकन पत्र और आंतरिक कलह के मुद्दे पर बचाव

पत्रकारों ने यह भी मुद्दा उठाया कि भाजपा के ही कुछ पूर्व पदाधिकारियों ने प्रत्याशी के नामांकन दस्तावेजों को गलत बताते हुए चुनाव आयोग में शिकायत की है। इस पर जिलाध्यक्ष ने तर्क दिया कि यदि दस्तावेजों में कोई त्रुटि होती, तो चुनाव आयोग नामांकन ही रद्द कर देता। उन्होंने कहा, "निर्वाचन आयोग ने कागजातों को सही पाया है, तभी वे चुनाव लड़ रहे हैं।"

पार्टी के भीतर असंतोष और खुद कार्यकर्ताओं द्वारा प्रत्याशी के खिलाफ शिकायत करने के सवाल पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि नामांकन से पहले पार्टी ने पूरी जांच-परख की थी और योग्य पाए जाने पर ही उन्हें टिकट दिया गया है।

वायरल चैट और जमीन घोटाले को बताया 'अफवाह'

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे व्हाट्सएप चैट और कटकमदाग प्रखंड में 35 लाख रुपये में खास महल की जमीन बेचने के आरोपों को भी जिलाध्यक्ष ने महज 'चुनावी स्टंट' और 'अफवाह' करार दिया। उन्होंने कहा, "चुनाव के समय ऐसी भ्रामक बातें उड़ती रहती हैं। इनमें कोई सत्यता नहीं है। चुनाव में इस तरह की बेबुनियाद बातों को तूल नहीं देना चाहिए।"

कुल मिलाकर, चुनाव से ठीक पहले उठे इन विवादों और जिलाध्यक्ष द्वारा किए गए बचाव ने राजनीतिक माहौल को और भी दिलचस्प बना दिया है। अब यह देखना है कि जनता इन दावों और प्रतिदावों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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