झारखंड: ग्रामीण विकास को नई दिशा देने हेतु 'मुख्यमंत्री पंचायती राज पुरस्कार' की उद्घोषणा, मंत्री दीपिका पांडेय सिंघ ने की व्यापक जनभागीदारी की अपील
रांची: झारखंड में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त करने और ग्रामीण विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
पंचायत को केवल एक संस्था नहीं बल्कि लोकतंत्र की मजबूत नींव मानते हुए, जहां से विकास की वास्तविक दिशा तय होती है, सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायती राज पुरस्कार' की अहम घोषणा की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी साझा करते हुए दीपिका पांडेय सिंघ ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े सभी पंचायत और जिला परिषद के प्रतिनिधियों को जोहार कहते हुए संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव की सरकार, गांव का सम्मान और जनता की सक्रिय भागीदारी जैसे लोकतांत्रिक मूल्यों को अधिक सशक्त करने के पुनीत उद्देश्य से ही इस पुरस्कार की रूपरेखा तैयार की गई है।
यह नवघोषित पुरस्कार उन समर्पित जनप्रतिनिधियों को अलंकृत करेगा, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में अप्रतिम समर्पण, पूर्ण पारदर्शिता और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ बदलाव की एक नई मिसाल कायम की है। मंत्री दीपिका पांडेय सिंघ ने जोर देते हुए कहा कि यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि पंचायत हमारे लोकतंत्र की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने राज्य के सभी त्रिस्तरीय पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस गौरवशाली पहल में भारी संख्या में अपना आवेदन प्रस्तुत करें और इसमें बढ़-चढ़कर शामिल हों। यह उनके लिए अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों को राज्य पटल पर सामने लाने और अपने क्षेत्र तथा संपूर्ण झारखंड को गौरवान्वित करने का एक सुनहरा अवसर है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा से यह सिद्ध करें कि उनकी पंचायतें केवल उत्कृष्ट ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से स्वस्थ, स्वच्छ और एक आदर्श पंचायत के रूप में स्थापित हैं। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए यह विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों की यह अटूट प्रतिबद्धता ही भविष्य में एक सशक्त पंचायत और समृद्ध झारखंड की सर्वोपरि पहचान बनेगी।
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