जनसरोकार की आवाज पर हंगामे का ग्रहण-बड़कागांव-केरेडारी के प्रदूषण पर संसद में अवरोध
हजारीबाग: संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़कागांव और केरेडारी कोयलांचल की दयनीय स्थिति अब राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बन गई है। क्षेत्रीय सांसद मनीष जयसवाल ने इस ज्वलंत विषय को लोकसभा के शून्य काल के दौरान अत्यंत प्रखरता के साथ उठाने का संकल्प लिया था, किंतु दुर्भाग्यवश संसदीय मर्यादाओं के बीच उपजे राजनीतिक गतिरोध ने इस जनहितकारी प्रयास की राह रोक दी। सांसद ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि किस प्रकार कोयला खनन की अनियंत्रित गतिविधियों के कारण क्षेत्र का वातावरण विषैला हो चुका है। वर्तमान में वायुमंडल में धूलकणों यानी PM_{10} और PM_{2.5} की सघनता निर्धारित मानकों को लांघ चुकी है, जो प्रत्यक्षतः स्थानीय कृषकों, श्रमिकों और निर्दोष परिवारों के स्वास्थ्य पर प्रहार कर रही है।
कोयला प्रक्षेत्रों में व्याप्त यह संकट केवल वायु प्रदूषण तक सीमित नहीं है, अपितु जल स्रोतों का दूषित होना और गंभीर बीमारियों का बढ़ता प्रकोप जनजीवन को त्रस्त कर रहा है। सांसद जयसवाल ने सदन की कार्यवाही बाधित होने पर खेद प्रकट करते हुए प्रतिपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और राहुल गांधी के व्यक्तिगत एजेंडे को इस व्यवधान का उत्तरदायी ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक उठापटक के कारण क्षेत्र की जनता के बुनियादी अधिकारों और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण चर्चा नहीं हो सकी। हालांकि, इस अवरोध के बावजूद सांसद ने अपने अटूट संकल्प को दोहराते हुए आश्वस्त किया है कि वे इस विषय को पुनः संसद के पटल पर रखेंगे। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और उच्चाधिकारियों के समक्ष हजारीबाग की जनता की पीड़ा को पूरी मजबूती के साथ प्रस्तुत करने और न्याय की प्राप्ति तक संघर्ष जारी रखने का उद्घोष किया है।

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