Hazaribagh Municipal Election 2026: प्रेक्षकों का एक्शन मोड, पोलिंग बूथ के निरीक्षण के साथ उम्मीदवारों के खर्च पर भी कसी नकेल
HAZARIBAGH : नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव को पूरी तरह से निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक अब 'एक्शन मोड' में नजर आ रहे हैं। बुधवार को सामान्य प्रेक्षक रविराज शर्मा और व्यय प्रेक्षक श्री पंकज नारायण ने मैदानी हकीकत जानने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया।
"हजारीबाग में मतदान केंद्रों और SST पॉइंट का निरीक्षण करते सामान्य प्रेक्षक रविराज शर्मा और व्यय प्रेक्षक पंकज नारायण।"बूथों और चेकपोस्ट पर सख्त पहरा
चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दोनों प्रेक्षकों ने शहर के विभिन्न मतदान केंद्रों (Polling Booths) का निरीक्षण किया। उनका पूरा फोकस इस बात पर था कि मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने केंद्रों पर बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
"चुनाव खर्च की जांच: उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश देते हुए निर्वाचन प्रेक्षक।"
"चुनाव खर्च की जांच: उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश देते हुए निर्वाचन प्रेक्षक।"इसके साथ ही, स्थैतिक निगरानी दल (SST Points) की कार्यप्रणाली को भी परखा गया। प्रेक्षकों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध नकदी, शराब या किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री के परिवहन पर रोक लगाने के लिए वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
उम्मीदवारों के खर्च का हुआ 'ऑडिट'
मैदानी निरीक्षण के बाद प्रेक्षकों ने चुनावी अखाड़े में उतरे उम्मीदवारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में महापौर (Mayor) और वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशी व उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान मुख्य मुद्दा 'चुनावी खर्च' रहा।
व्यय प्रेक्षक ने उम्मीदवारों को दो टूक कहा कि चुनाव में होने वाले हर एक रुपये के खर्च का हिसाब पारदर्शी तरीके से रखना अनिवार्य है।
बैठक में निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
निर्वाचन व्यय रजिस्टर में प्रतिदिन की प्रविष्टि नियमित रूप से की जाए।
खर्च के वाउचर सुरक्षित रखे जाएं।
भुगतान पारदर्शी तरीके से चेक या बैंक खाते के माध्यम से हों।
निर्धारित प्रपत्रों में ही ब्योरा संधारित किया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आयोग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस निरीक्षण और बैठक के बाद चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में हड़कंप और प्रशासन की मुस्तैदी की चर्चा जोरों पर है।
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