हजारीबाग में ‘सैलानी’ बनकर आए थे चोर, पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर, बिहार शराब माफियाओं को स्कॉर्पियो सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार
हजारीबाग: झारखंड की हजारीबाग पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो झारखंड से लग्जरी गाड़ियां चुराकर बिहार के शराब माफियाओं को सप्लाई करता था। 12 फरवरी 2026 की देर रात एक फिल्मी स्टाइल में हुए एनकाउंटर और पीछा करने के बाद पुलिस ने इस गिरोह के 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से चोरी की एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की गई है।
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| "गिरोह के 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार" |
फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारी: पुलिस को कुचलने का प्रयास
घटना 12 फरवरी 2026 की रात की है। हजारीबाग पुलिस को लोहसिंघना थाना प्रभारी द्वारा सूचना मिली थी कि पेलावल ओपी क्षेत्र में पेट्रोलिंग पार्टी को एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो ने टक्कर मारी है और अपराधी पुलिस को चकमा देकर भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अमित आनंद के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने इंद्रपुरी चौक पर बैरिकेडिंग की, लेकिन अपराधियों ने बैरियर को तोड़ दिया और तेज गति से गडोखर मोड़ की तरफ भागे। पेलावल पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गडोखर मोड़ के पास घेराबंदी की और स्कॉर्पियो सवार सभी 6 अपराधियों को दबोच लिया।
बिहार के शराब माफियाओं के लिए चुराते थे गाड़ियां
गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कबूला कि वे संगठित गिरोह के सदस्य हैं और उनका मुख्य काम झारखंड के विभिन्न जिलों से चार पहिया वाहन, विशेषकर स्कॉर्पियो चोरी करना है। चोरी की गई इन गाड़ियों को वे बिहार में सक्रिय अवैध शराब माफियाओं और तस्करों को बेच देते थे, जिसका उपयोग शराब तस्करी के लिए किया जाता था।
हजारीबाग और रामगढ़ में मचा रखा था आतंक
इस गिरोह ने पिछले एक साल में हजारीबाग और आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पूछताछ में सामने आया है कि 13 जून 2025 को इन्होंने इचाक मोड़ के पास रेकी कर कटकमदाग से एक स्कॉर्पियो उड़ाई थी। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को रांची रोड, 22 नवंबर 2025 को मंडई और 29 दिसंबर 2025 को हजारीबाग शहर से गाड़ियां चोरी की गईं। अपराधियों का दुस्साहस इतना बढ़ा हुआ था कि 16 जनवरी 2026 को रामगढ़ और 18 जनवरी 2026 को हजारीबाग के होटल स्पाइसी विला के पास से भी स्कॉर्पियो चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। 26 जनवरी 2026 को कटकमसांडी से चोरी की गई एक गाड़ी को इन्होंने सुमंत सिंह नामक व्यक्ति को 1,80,000 रुपये में बेच दिया था।
गिरफ्तार अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस की गिरफ्त में आए अपराधी आदतन पेशेवर मुजरिम हैं। इनमें बिहार के रोहतास निवासी यशरब अली उर्फ पप्पू खान (जिसे गुरुजी भी कहा जाता है), औरंगाबाद के विवेक कुमार और पलामू के विकास कुमार शामिल हैं। इसके अलावा हजारीबाग के स्थानीय अपराधी जितेंद्र कुमार मेहता और मो. जॉनी भी इस गिरोह में शामिल थे। इन सभी पर पूर्व से ही हजारीबाग, औरंगाबाद, रोहतास और पलामू जिले के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और उत्पाद अधिनियम के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं। उदाहरण के लिए, सरगनाओं में से एक यशरब अली पर चौपारण, शेरघाटी, और अरगोड़ा समेत कई थानों में 8 से अधिक केस दर्ज हैं।
छापेमारी दल में शामिल जांबाज
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व सदर एसडीपीओ अमित आनंद कर रहे थे। टीम में पेलावल अंचल के पु०नि० शाहिद रजा, पेलावल ओपी प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा, कटकमदाग थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राय, कटकमसांडी थाना प्रभारी शिवम कुमार गुप्ता, दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस ने इनके पास से एक सफेद स्कॉर्पियो (जिस पर फर्जी नंबर BR10AN-1191 लगा था) और 5 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

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