झारखंड बजट 2026-27: हेमंत सरकार का मास्टरस्ट्रोक! मंईयां सम्मान के लिए ₹14,000 करोड़ और शिक्षा-स्वास्थ्य पर भारी निवेश, जानें किसे क्या मिला?
झारखंड बजट 2026-27: समृद्ध और खुशहाल प्रदेश की ओर बढ़ते कदम
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| "झारखंड बजट 2026-27: समृद्ध और खुशहाल प्रदेश की ओर बढ़ते कदम" |
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'अबुआ दिशोम बजट' पेश कर दिया है। इस बजट में ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने राज्य के राजस्व में भारी बढ़ोतरी का दावा करते हुए इसे 'जनता का बजट' करार दिया है।
1. महिला सशक्तिकरण: मंईयां सम्मान योजना में बड़ा धमाका
बजट का सबसे आकर्षक हिस्सा 'झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' है। 18 से 50 वर्ष की महिलाओं के लिए सरकार ने ₹14,065.57 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान किया है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर साल ₹30,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
2. शिक्षा और स्वास्थ्य: भविष्य की नींव
शिक्षा: इस क्षेत्र के लिए ₹18,815.88 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। साथ ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 100 नए CM School of Excellence खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार ने ₹7,990.30 करोड़ का आवंटन किया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा ढांचा मजबूत होगा।
3. ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार ने तिजोरी खोल दी है:
ग्रामीण विकास: ₹12,346.90 करोड़ का आवंटन।
ग्रामीण कार्य विभाग: सड़क और पुलों के निर्माण हेतु ₹5,081.74 करोड़।
पथ निर्माण: परिवहन को सुगम बनाने के लिए ₹6,601.28 करोड़।
कृषि: किसानों की खुशहाली के लिए ₹4,884.2 करोड़ का बजट प्रस्तावित।
4. राज्य के राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
बजट के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। जहां 2019-20 में कुल राजस्व आय ₹25,521 करोड़ थी, वहीं 2026-27 में इसके ₹66,700 करोड़ (अनुमानित) तक पहुंचने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: झारखंड का यह बजट समावेशी विकास की ओर इशारा करता है। सरकार ने न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बल्कि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए जनता के हाथों में पैसा पहुंचाने की रणनीति अपनाई है।

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