शोक में डूबा सोरेन परिवार: कुल्लू हादसे के बाद भावुक हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व CM चंपई सोरेन को बंधाया ढांढस
रांची/जमशेदपुर:
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| "दुःख की घड़ी में एकजुटता: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और बाबूलाल सोरेन से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए।" |
झारखंड की राजनीति के दो दिग्गज स्तंभ, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, आज एक ऐसी घड़ी में साथ खड़े नजर आए जहां शब्द कम और संवेदनाएं अधिक थीं। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते, वीर सोरेन के असामयिक और हृदयविदारक निधन के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
संवेदनाओं का सैलाब और अटूट साथ
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री अत्यंत भावुक नजर आए। उन्होंने वीर सोरेन के पिता बाबूलाल सोरेन को गले लगाकर ढांढस बंधाया। इस विकट परिस्थिति में हेमंत सोरेन एक अभिभावक की भूमिका में दिखे। चंपई सोरेन (चंपई दा) के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा:
"एक नौजवान और घर का चिराग यदि असमय बुझ जाए, तो वह परिवार के लिए वज्रपात के समान होता है। यह क्षण केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि हम सभी के लिए अत्यंत मर्माहत करने वाला है। इस रिक्तता को कभी भरा नहीं जा सकता।"
क्या था पूरा मामला?
विदित हो कि चंपई सोरेन के पौत्र वीर सोरेन बीते दिनों अपने मित्रों के साथ हिमाचल प्रदेश के कुल्लू भ्रमण पर गए थे। वहां एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उनका निधन हो गया। इस खबर के फैलते ही पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। वीर सोरेन परिवार के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक थे, जिनका जाना अपूरणीय क्षति है।
अंतिम प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और सोरेन परिवार को इस असहनीय वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें। पूरा प्रदेश इस दुःख की घड़ी में चंपई सोरेन और उनके परिजनों के साथ एकजुट खड़ा है।

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