बड़कागांव: नापो घटना पर गरमाई राजनीति, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने स्थानीय विधायक और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप; ग्रामीणों का धरना
हजारीबाग/बड़कागांव
बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के नापो गांव में बीते दिनों हुई हिंसक घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़कागांव मुख्य चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। इस धरने में बड़कागांव की पूर्व विधायक सुश्री अंबा प्रसाद भी शामिल हुईं और उन्होंने वर्तमान विधायक एवं स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला।
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| बड़कागांव मुख्य चौक पर सड़क जाम कर धरने पर बैठे आक्रोशित ग्रामीण और उन्हें संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सुश्री अंबा प्रसाद। |
वर्तमान विधायक पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़कागांव के वर्तमान भाजपा विधायक ने कथित तौर पर स्थानीय अपराधियों, गुंडों, रंगदारों और नशा (अफीम, ब्राउन शुगर) का कारोबार करने वाले गिरोहों को शरण दे रखी है। उन्होंने इसे बड़कागांव के शांत माहौल के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बताया। आरोप है कि क्षेत्र में रंगदारी, अवैध वसूली, जुआ और नकली शराब का धंधा तेजी से पनप रहा है।
नापो गांव की घटना: हथियारों से हमला और कुचलने का आरोप
ग्रामीणों और पूर्व विधायक के अनुसार, बीते रात नापो गांव में कथित तौर पर गंगा साहू (जिन्हें वर्तमान विधायक का करीबी बताया जा रहा है) और उनके गुर्गों द्वारा कुछ लोगों पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने हथियारों का इस्तेमाल किया और उसके बाद वाहन से लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक घटना में दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हैं। विनोद साव सहित कई घायल अभी आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने स्थानीय बड़कागांव पुलिस पर भी लापरवाही और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं:
शिकायत की अनदेखी: ग्रामीणों का कहना है कि घटना से कुछ दिन पूर्व जब पीड़ित पक्ष थाना प्रभारी को आवेदन देने गया था, तो उन्हें कथित तौर पर डांट-फटकार कर भगा दिया गया था।
पुलिस का बोर्ड लगी गाड़ी: आरोप है कि जिस गाड़ी से लोगों को कुचला गया, उस पर 'पुलिस' का बोर्ड लगा था। घटना के बाद गाड़ी से बोर्ड हटाए जाने को लेकर भी ग्रामीण आक्रोशित हैं।
आरोपियों का खुला घूमना: ग्रामीणों में इस बात का भारी रोष है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और कथित तौर पर सोशल मीडिया पर रील बनाकर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं।
डीजीपी से की बात, एसपी और डीसी को बुलाने की मांग
सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि हजारीबाग के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद घटनास्थल पर आएं और अधिकारियों की जवाबदेही तय करें। धरने पर मौजूद पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने मौके से ही झारखंड के डीजीपी (DGP) से दूरभाष पर बात की और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

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