चतरा: ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर कम उपस्थिति पर DC सख्त, लापरवाह हेडमास्टरों पर गिरेगी गाज
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
चतरा। झारखंड के चतरा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्कूलों में छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विकास भवन स्थित जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) प्रशिक्षण हॉल में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त (DC) कीर्तिश्र ने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज कम उपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
80% से कम उपस्थिति वाले स्कूलों पर होगी विभागीय कार्रवाई
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विद्यालयों में ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति का डेटा संतोषजनक नहीं है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति 80 प्रतिशत से कम दर्ज की जा रही है, वहां के प्रधानाध्यापकों (Headmasters) के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्रों में समीक्षा बैठक कर सुधार सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है।
'मिनी रेल परीक्षा' और खराब प्रदर्शन पर विशेष नजर
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उपायुक्त ने हर माह “मिनी रेल परीक्षा” आयोजित करने का निर्देश दिया है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसे बुनियादी विषयों में छात्रों के अंक 40 प्रतिशत से कम आएंगे, वहां के प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही तय होगी। ऐसे स्कूलों की समीक्षा स्वयं अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और उप विकास आयुक्त (DDC) करेंगे। कमजोर विद्यार्थियों के लिए 'रिमेडियल क्लास' (विशेष कक्षाएं) चलाने का भी सख्त निर्देश दिया गया है।
डाटा मिलान: पीएम पोषण और ई-विद्यावाहिनी की होगी जांच
प्रशासन अब आंकड़ों की बाजीगरी को पकड़ने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है। पीएम पोषण योजना (Mid-Day Meal) के तहत दर्ज उपस्थिति और ई-विद्यावाहिनी पोर्टल की उपस्थिति का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। यदि दोनों आंकड़ों में विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित विद्यालय को चिन्हित कर उनके विरुद्ध जांच और कार्रवाई की जाएगी।
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नामांकन और वित्तीय अनुशासन
आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया को गति देने के लिए 23 मार्च को जिला स्तरीय नामांकन समिति की बैठक बुलाई गई है। इसके साथ ही, उपायुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मार्च माह के अंत तक उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।
इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) दिनेश कुमार मिश्र, उप विकास आयुक्त, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राकेश पाण्डेय सहित जिले के तमाम शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

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