अंचल का अमानवीय चेहरा: कर्ज चुकाने के लिए जमीन बेचना चाहता है गरीब परिवार, 4 महीने से LPC अटकाए बैठे हैं CO
CO की लापरवाही के कारण फाइल अटकी पीड़ित परिवार

हजारीबाग/दारू: सरकारी दफ्तरों में लालफीताशाही और अधिकारियों की टालमटोल की नीति किस कदर एक गरीब परिवार को मानसिक प्रताड़ना दे सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण हजारीबाग जिले के दारू अंचल कार्यालय (Daru Block Office) में देखने को मिला है। ग्राम- बड़वार, थाना- दारू के रहने वाले संजय यादव (पिता- स्व. गंडोरी यादव) और उनकी वृद्ध माता पिछले चार महीनों से अपनी ही ज़मीन के 'भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र' (LPC) के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अंचलाधिकारी (CO) की लापरवाही के कारण फाइल अटकी हुई है।
कर्ज के बोझ तले दबा परिवार, बैंक ने भेजा नोटिस
पीड़ित परिवार के ऊपर भारी कर्ज है। कर्ज चुकाने के लिए वे अपनी ज़मीन बेचना चाहते हैं, लेकिन बिना एलपीसी (LPC) के ज़मीन की बिक्री संभव नहीं हो पा रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) की दारू शाखा द्वारा इस परिवार को बकाया ऋण (लगभग 62,740 रुपये) चुकाने के लिए 'राष्ट्रीय लोक अदालत' का लीगल नोटिस भी थमा दिया गया है। इसके अलावा जिन स्थानीय लोगों से उन्होंने कर्ज लिया है, वे रोज़ाना घर आकर गाली-गलौज और प्रताड़ित कर रहे हैं।
निचले स्तर से रिपोर्ट क्लियर, फिर भी CO साधे हैं मौन
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ज़मीन के दस्तावेज़ पूरी तरह से वैध हैं। कागजातों के अनुसार, खाता संख्या 16, प्लॉट संख्या 1040 और 1045, जिसका कुल रकबा लगभग 40.82 डिसमिल है, उस पर पीड़ित का स्पष्ट दखल-कब्ज़ा है। कांग्रेस के युवा उपाध्यक्ष रिंकू कुमार ने दस्तावेज़ दिखाते हुए स्पष्ट किया कि अमीन, राजस्व उप-निरीक्षक (कर्मचारी) और अंचल निरीक्षक (CI) ने अपनी जाँच रिपोर्ट फरवरी महीने में ही पूरी कर ली है। रिपोर्ट में ज़मीन पर किसी भी प्रकार के विवाद से इनकार किया गया है। इसके बावजूद अंचलाधिकारी बिना कोई कारण बताए एलपीसी जारी नहीं कर रहे हैं।
जवाब मांगने पर चेंबर छोड़कर गए अधिकारी
जब पीड़ित परिवार और कांग्रेस नेता रिंकू कुमार अंचलाधिकारी से इस लेटलतीफी का कारण पूछने उनके चेंबर में गए, तो अधिकारी कोई भी संतोषजनक जवाब देने के बजाय अपनी कुर्सी और चेंबर छोड़कर चले गए।
डीसी से शिकायत की चेतावनी
कांग्रेस नेता रिंकू कुमार ने अंचल प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस गरीब परिवार को बेवजह परेशान करना बंद नहीं किया गया और जल्द से जल्द एलपीसी निर्गत नहीं हुआ, तो वे इस मामले को लेकर हजारीबाग के उपायुक्त (DC) महोदय के पास जाएंगे। एक तरफ राज्य सरकार जनता के द्वार जाकर काम करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ दारू अंचल कार्यालय का यह रवैया सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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