उरीमारी में TSPC उग्रवादी संगठन के 8 सदस्य गिरफ्तार, इंसास राइफल और भारी गोला-बारूद बरामद
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| हजारीबाग पुलिस की गिरफ्त में TSPC के आठ उग्रवादी और बरामद किए गए इंसास राइफल व कारतूस। |
हजारीबाग, झारखंड। झारखंड के हजारीबाग जिले में सुरक्षाबलों ने उग्रवाद के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिला पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के एक बड़े मंसूबे को नाकाम करते हुए आठ सक्रिय उग्रवादियों को हथियारों के जखीरे के साथ दबोच लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा उरीमारी ओ०पी० क्षेत्र में की गई।
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| "Press Release" |
गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
पुलिस को 21 मार्च 2026 को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि उरीमारी कोलियरी क्षेत्र में TSPC के उग्रवादी किसी बड़ी हिंसक घटना या लेवी (रंगदारी) वसूली के उद्देश्य से जमा होने वाले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हजारीबाग ने तत्काल एक छापामारी दल का गठन किया, जिसमें तकनीकी और नक्सल शाखा के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया।
फिल्मी अंदाज में हुआ पीछा, पेड़ से टकराई बोलेरो
छापामारी दल जब ग्राम आसवा और गुडकुवा के समीप पहुंचा, तो सामने से एक सफेद रंग की बोलेरो संदिग्ध अवस्था में आती दिखी। पुलिस को देखते ही चालक ने गाड़ी मोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने जब पीछा किया, तो तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर एक पेड़ और पुल से जा टकराई।
दुर्घटना के बाद उग्रवादियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी कर मौके से ही आठों अपराधियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान गाड़ी के अंदर से दो इंसास राइफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिसे देख पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।
गिरफ्तार उग्रवादियों का विवरण
पकड़े गए उग्रवादी मुख्य रूप से लातेहार और रांची जिले के रहने वाले हैं। इनके नाम निम्नलिखित हैं:
- सुनील मुण्डा (27 वर्ष) - चालक, बालूमाथ, लातेहार
- विरेन्द्र मुण्डा (20 वर्ष) - बालूमाथ, लातेहार
- सुरेन्द्र मुण्डा (30 वर्ष) - बालूमाथ, लातेहार
- लालमोहन मुण्डा (22 वर्ष) - बालूमाथ, लातेहार
- अनिल मुण्डा (18 वर्ष) - बालूमाथ, लातेहार
- रविन्द्र गंझू उर्फ रिंकु (19 वर्ष) - बालूमाथ, लातेहार
- सत्येन्द्र गंझू उर्फ सन्दु (25 वर्ष) - बालूमाथ, लातेहार
- संजय मुण्डा (34 वर्ष) - मैक्लुस्कीगंज, रांची
संगठन के नेटवर्क और पिछली घटनाओं का खुलासा
पूछताछ में पता चला कि ये सभी उग्रवादी TSPC के जोनल कमांडर भीखन गंझू और सब जोनल कमांडर दिनेश जी उर्फ रवि राम के सीधे संपर्क में थे। ये लोग रांची, लातेहार, चतरा और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में संगठन का विस्तार कर रहे थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इसी गुट ने बीते 12 फरवरी 2026 को रामगढ़ जिले के पतरातु (सरैया) में दहशत फैलाने के उद्देश्य से ऑटोमेटिक हथियारों से 200 से अधिक राउंड फायरिंग की थी। इनका मुख्य काम कोयलांचल क्षेत्रों में ठेकेदारों और व्यवसायियों को धमकी देकर लेवी वसूलना था।
बरामद हथियारों की सूची
पुलिस ने मौके से जो सामग्री बरामद की है, वह इनके खतरनाक इरादों की पुष्टि करती है:
- इंसास राइफल (5.56 MM): 02 पीस
- देसी पिस्टल: 01 पीस
- जिंदा कारतूस (विभिन्न बोर): कुल 174 राउंड (इंसास-90, 7.62mm-37, 7.65mm-26, 8mm-21)
- सफेद बोलेरो: 01 (दुर्घटनाग्रस्त)
- मोबाइल फोन: 07 सेट
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल अभियान में गिद्दी थाना प्रभारी राणा भानुप्रताप सिंह, उरीमारी ओ०पी० प्रभारी स्यु उराँव, पेलावल ओ०पी० प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय और लोहसिंहना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा की अहम भूमिका रही।
इस कार्रवाई से न केवल उरीमारी क्षेत्र में होने वाली संभावित आपराधिक घटना टल गई है, बल्कि TSPC के नेटवर्क को भी करारा झटका लगा है।
नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी प्रधान सम्पादक।


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