झारखंड सरकार की बड़ी पहल: जमशेदपुर में खुलेगा राज्य का पहला अत्याधुनिक IDTR, टाटा मोटर्स संभालेगी कमान
विशेष संवाददाता, न्यूज प्रहरी
IDTR Jamshedpur Jharkhand Transport Department")
11.88 एकड़ में फैलेगा आधुनिक प्रशिक्षण का केंद्र
जमशेदपुर के मौजा मनपिठा (थाना नं. 1202) में प्रस्तावित इस संस्थान के लिए सरकार ने 11.88 एकड़ भूमि आवंटित की है। इस परियोजना की कुल लागत 22.03 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' (PPP) मॉडल है। इसमें भारत सरकार, झारखंड सरकार और देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स एक साथ मिलकर काम करेंगे।
वित्तीय संरचना पर एक नजर
केंद्र सरकार (सड़क परिवहन मंत्रालय): 17 करोड़ रुपये (कुल लागत का 77%)
राज्य सरकार: 3.21 करोड़ रुपये
टाटा मोटर्स (CSR फंड): 1.82 करोड़ रुपये
टाटा मोटर्स की विशेषज्ञता से निखरेगा कौशल
IDTR के संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी टाटा मोटर्स को सौंपी गई है। कंपनी अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत आधुनिक वाहनों, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और विश्वस्तरीय सिम्युलेटर उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। यहाँ केवल स्टेयरिंग थामना ही नहीं सिखाया जाएगा, बल्कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की बुनियादी समझ और सड़क मनोविज्ञान का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आम नागरिक और युवाओं को क्या होगा लाभ?
अक्सर देखा जाता है कि ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी होती है। IDTR की स्थापना से इस व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आएगा:
वैज्ञानिक पद्धति से प्रशिक्षण: यहाँ पारंपरिक तरीके के बजाय वैज्ञानिक और तकनीकी उपकरणों (जैसे ड्राइविंग सिम्युलेटर) से ट्रेनिंग दी जाएगी।
पारदर्शी लाइसेंस प्रक्रिया: संस्थान में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही लाइसेंस के लिए पात्र माना जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
रोजगार के अवसर: स्थानीय युवाओं को न केवल यहाँ प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि संस्थान के संचालन में भी विभिन्न पदों पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
भारी वाहन चालकों के लिए विशेष कोर्स: बस और ट्रक जैसे वाणिज्यिक वाहनों के चालकों को विशेष रक्षात्मक ड्राइविंग (Defensive Driving) का पाठ पढ़ाया जाएगा।
सड़क सुरक्षा: 'दंड' नहीं 'दक्षता' पर जोर
झारखंड सरकार का यह कदम 'सड़क सुरक्षा सुदृढ़ीकरण' की दिशा में एक बड़ा निवेश है। संस्थान का मूल मंत्र 'दंड के स्थान पर दक्षता' विकसित करना है। जब सड़क पर अनुशासित और प्रशिक्षित चालक उतरेंगे, तो सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में निश्चित रूप से गिरावट आएगी। यह पहल राज्य की प्रगति और मानवीय सुरक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी।
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