रामगढ़: रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं से बदसलूकी पड़ी भारी, एसपी ने 4 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड, 1 होमगार्ड की छुट्टी
रामगढ़: झारखंड के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई और अभद्र व्यवहार करने के मामले में रामगढ़ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) अजय कुमार ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर 4 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक होमगार्ड को उसके कार्य से विमुक्त (हटा दिया) कर दिया गया है।
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| रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार, जिन्होंने मामले पर त्वरित कार्रवाई की द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति। |
यह घटना रविवार, 08 मार्च 2026 की है, जब जमशेदपुर से आए कुछ श्रद्धालुओं और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों के बीच मंदिर के निकास द्वार (Exit Gate) पर प्रवेश को लेकर विवाद हो गया था।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
रविवार की छुट्टी होने के कारण रजरप्पा मंदिर में अप्रत्याशित भीड़ थी। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के मद्देनजर सुबह 6:00 बजे से ही मुख्य द्वार छोड़कर अन्य सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे। सुरक्षा के लिए जैप-04 (JAP-04) के जवानों और रजरप्पा थाना के एएसआई (ASI) प्रकाश चन्द्र मुर्मू की ड्यूटी लगाई गई थी।
दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच, मानवीय आधार पर एक बुजुर्ग को निकास द्वार से अंदर जाने की अनुमति दी गई। इसे देखकर जमशेदपुर से आए कुछ अन्य श्रद्धालु भी जबरन निकास द्वार से प्रवेश करने का प्रयास करने लगे।
ड्यूटी पर मौजूद एएसआई प्रकाश चन्द्र मुर्मू और जवानों ने उन्हें नियम का हवाला देते हुए रोका। आरोप है कि इस पर श्रद्धालु उग्र हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि श्रद्धालुओं ने एएसआई मुर्मू की वर्दी का स्टार नोच लिया और उनकी गर्दन पकड़ ली। इसी दौरान बचाव और हंगामे के बीच वहां तैनात जैप-04 के जवानों ने श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई कर दी।
एसपी अजय कुमार का त्वरित एक्शन
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और मामले की जानकारी मिलने के बाद, रामगढ़ एसपी अजय कुमार तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और रजरप्पा थाना व मंदिर ओ.पी. में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं के साथ अमानवीय या अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके बाद एसपी ने रामगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
जांच रिपोर्ट के बाद गिरी गाज
सोमवार (09 मार्च 2026) को जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी गई। रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि श्रद्धालुओं द्वारा एएसआई से अभद्रता और हाथापाई किए जाने के बाद, सुरक्षाकर्मियों ने भी संयम खो दिया और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया।
इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने निम्नलिखित पुलिसकर्मियों पर कड़ा एक्शन लिया है:
निलंबित किए गए पुलिसकर्मी (झारखण्ड सशस्त्र पुलिस-04, बोकारो):
- आरक्षी-228 श्याम लाल महतो
- आरक्षी-69 राधेश्याम कुजूर
- आरक्षी-686 बहादुर उराँव
- आरक्षी-384 जॉनसन सुरीन (नोट: इन सभी को तत्काल प्रभाव से 'सामान्य जीवन यापन भत्ता' पर निलंबित किया गया है।)
कार्यमुक्त किए गए जवान:
- गृहरक्षक (Home Guard) सं-0064 सिकन्दर यादव को उनके कार्य से तत्काल विमुक्त कर दिया गया है।
पुलिस प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि ड्यूटी के दौरान आम जनता और श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा, भले ही विवाद की शुरुआत किसी भी पक्ष से हुई हो।

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