अब टैक्सी ड्राइवर बनेंगे मालिक: 'भारत टैक्सी' ने खत्म किया कमीशन का खेल, 4 लाख से ज्यादा चालक जुड़े
सहकार से समृद्धि: गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बताया 'भारत टैक्सी' का विस्तार प्लान, जानें ग्राहकों और ड्राइवरों को क्या होगा फायदा।
नई दिल्ली: देश में कैब एग्रीगेटर के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। भारत सरकार ने 'सहकार से समृद्धि' के विजन को धरातल पर उतारते हुए 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) की शुरुआत की है। यह देश का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि सहकारी समिति के सदस्य और मालिक होंगे।
![]() |
| भारत टैक्सी ऐप लॉन्च और ड्राइवर पार्टनर सशक्तिकरण - सहकारिता मंत्रालय |
क्या है भारत टैक्सी का मॉडल?
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान बताया कि यह प्लेटफॉर्म जीरो-कमीशन संरचना पर आधारित है। निजी कंपनियों (Uber/Ola) के विपरीत, यहाँ ड्राइवरों से भारी कमीशन नहीं लिया जाता, बल्कि यह एक सब्सक्रिप्शन मॉडल पर चलता है।
प्रमुख विशेषताएं और उपलब्धियां:
स्थापना और लॉन्च: 6 जून 2025 को स्थापना के बाद 5 फरवरी 2026 को इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया।
ड्राइवरों की भारी संख्या: 23 मार्च 2026 तक करीब 4.31 लाख ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।
वर्तमान उपस्थिति: फिलहाल यह दिल्ली-NCR, अहमदाबाद, राजकोट और सूरत में सक्रिय है। चंडीगढ़ और लखनऊ में ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
भविष्य का विस्तार: अगले 3 वर्षों में इसे टियर-2, टियर-3 शहरों और तहसील स्तर तक ले जाने की योजना है।
ड्राइवरों और सवारियों को क्या होगा लाभ?
निजी एग्रीगेटर्स के शोषण को खत्म करने के लिए भारत टैक्सी पारदर्शिता पर जोर दे रही है। ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा और उचित आय सुनिश्चित की जा रही है, वहीं सवारियों को सुरक्षित और किफायती यात्रा का विकल्प मिल रहा है। हालांकि, बाजार में पहले से मौजूद निजी दिग्गजों से मुकाबला करना एक चुनौती है, जिसके लिए सरकार डिजिटल ट्रेनिंग और जागरूकता अभियानों का सहारा ले रही है।

No comments
Post a Comment