बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल कार्यालय में दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
आयुक्त के सचिव बासुदेव प्रसाद ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प, समानता और न्याय के मार्ग पर जोर।
हजारीबाग: भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार, समाज सुधारक और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आज समूचे हजारीबाग जिले सहित उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल कार्यालय में गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर आयुक्त कार्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण नमन किया।
![]() |
| Dr. Bhimrao Ambedkar 135th Jayanti celebration at Commissioner Office Hazaribagh |
संविधान निर्माता को दी गई श्रद्धांजलि
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग के आयुक्त सचिव श्री बासुदेव प्रसाद ने अपने कार्यालय कक्ष में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहेब केवल एक संविधान निर्माता नहीं थे, बल्कि वे आधुनिक भारत के निर्माता और सामाजिक समरसता के सबसे बड़े पैरोकार थे।
![]() |
| Dr. Bhimrao Ambedkar 135th Jayanti celebration at Commissioner Office Hazaribagh-2 |
समानता और न्याय का संदेश
कर्मचारियों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान प्रमंडल कार्यालय के विभिन्न पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भी डॉ. अंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहेब के जीवन मूल्यों और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यालय कर्मियों ने सामूहिक रूप से प्रण लिया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और न्याय का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्यरत रहेंगे।
सामाजिक विकास पर जोर
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वह दहाड़ेगा। आज की पीढ़ी को उनके इस सूत्र को समझना होगा। कार्यक्रम में आयुक्त कार्यालय के कई वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रमंडलीय सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी इस विज्ञप्ति के माध्यम से समाज में एकता और अखंडता का संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया गया है।


No comments
Post a Comment