हजारीबाग: विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश, उपविकास आयुक्त ने की पशुपालन और कृषि विभागों की बड़ी समीक्षा
पशुधन वितरण, टीकाकरण और पीएम कुसुम योजना के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर; मिट्टी टेस्टिंग और अर्बन फार्मिंग को बढ़ावा देने का निर्देश।
हजारीबाग। जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के दिशा-निर्देशानुसार, उपविकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह ने पशुपालन, भूमि संरक्षण और उद्यान विभाग के कामकाज का विस्तृत जायजा लिया।
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| DDC HAZARIBAGH |
पशुधन और डेयरी विकास पर विशेष जोर
बैठक के दौरान उपविकास आयुक्त ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सरकार की पशुधन विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने बत्तख, कुक्कुट (मुर्गी) और गाय वितरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वितरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। इसके साथ ही, डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से डेयरी विकास योजनाओं को गति देने पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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| Hazaribagh shabhaagaar |
टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए DDC ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि जिले में शत-प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने की बात कही, ताकि दुग्ध उत्पादन और पशु नस्ल सुधार में सुधार हो सके।
मिट्टी टेस्टिंग और जल संरक्षण योजनाओं की निगरानी
कृषि आधारित विभागों को निर्देशित करते हुए श्रीमती रिया सिंह ने कहा कि मिट्टी टेस्टिंग की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि किसान अपनी जमीन की उर्वरता के अनुसार सही फसल का चयन कर सकें। भूमि संरक्षण विभाग के तहत चल रही तालाब निर्माण, परकुलेशन टैंक और पंप सेट वितरण योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य करने की हिदायत दी।
उद्यान विभाग और आधुनिक खेती
उद्यान विकास और शहरी क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा देने के लिए 'अर्बन फार्मिंग' पर विशेष चर्चा की गई। पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM) के तहत किसानों को सोलर पंप और अन्य लाभ पहुँचाने की प्रगति की भी जाँच की गई। उपविकास आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आदेश दिया कि वे आपस में समन्वय स्थापित करने के लिए नियमित रूप से बैठकें करें।
बैठक में उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त और उपविकास आयुक्त के साथ-साथ जिला पशुपालन पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी सहित विभिन्न प्रखंडों के एटीएम (ATM), बीटीएम (BTM) और अन्य विभागीय कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


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