डीडीसी रिया सिंह ने ग्रामीण विकास योजनाओं की रफ्तार पर कसी नकेल, लंबित आवास और जल संरक्षण कार्यों पर दिए सख्त निर्देश
विकास योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; आधार वेरिफिकेशन और जियो-टैगिंग की समस्याओं को तुरंत दूर करने का बीडीओ को आदेश।
हजारीबाग: जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने और उनकी गति बढ़ाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में गुरुवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह ने ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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| हजारीबाग डीडीसी रिया सिंह ने ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा की। |
आवास योजनाओं पर विशेष जोर
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), अबुआ आवास योजना और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना की गहन समीक्षा की गई। डीडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पुराने और लंबित आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देशित किया कि जियो-टैगिंग (Geo-tagging) का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करें और आधार वेरिफिकेशन (Aadhaar Verification) से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें, ताकि लाभार्थियों को भुगतान में कोई बाधा न आए।
मनरेगा और जल संरक्षण: गर्मी को लेकर अलर्ट
बढ़ते तापमान और आसन्न गर्मी को देखते हुए डीडीसी ने वाटर कंजर्वेशन (जल संरक्षण) से संबंधित योजनाओं जैसे डोभा निर्माण और बिरसा कूप संवर्धन योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। मनरेगा के तहत 100 दिवसीय कार्य उपलब्ध कराने, एफटीओ (FTO) जनरेशन में तेजी लाने और ऑडिट रिपोर्ट समय पर भेजने को कहा गया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि 'जीरो एक्सपेंडिचर' वाली योजनाओं को बंद करें और खर्च संबंधी अन्य प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से पूर्ण करें।
महिला सशक्तिकरण और आजीविका
जेएसएलपीएस (JSLPS) की समीक्षा के दौरान डीडीसी ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) के गठन और उनके क्रेडिट लिंकेज पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने मुद्रा लोन, लाइवस्टॉक (पशुपालन) और प्रोड्यूसर ग्रुप की गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। जेएसएलपीएस कर्मियों को नियमित रूप से डेटा अपडेट करने को कहा गया ताकि आजीविका मिशन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
पंचायती राज और बुनियादी ढांचा
बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों में चल रहे कार्यों, ज्ञान केंद्रों के अधिष्ठापन और आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की भी चर्चा हुई। डीडीसी ने कहा कि पुराने और 'ऑनगोइंग' प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के बीडीओ, डीपीएम, बीपीएम और विभिन्न योजनाओं के जिला समन्वयक उपस्थित थे। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद है कि जिले में विकास कार्यों की सुस्ती दूर होगी और आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।

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