हज़ारीबाग: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में उतरा महिलाओं का विशाल जनसैलाब, सांसद मनीष जायसवाल ने पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी
ऐतिहासिक पदयात्रा के जरिए पीएम मोदी का जताया आभार; सांसद बोले- नीति निर्माण में महिलाओं की 33% भागीदारी से बदलेगी देश की तस्वीर।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।
हज़ारीबाग: भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इसी ऐतिहासिक कानून के प्रति आभार प्रकट करने और जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सोमवार को हज़ारीबाग की सड़कों पर महिलाओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय जनता पार्टी के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल पदयात्रा ने पूरे शहर को भगवामय और नारी शक्ति के जयघोष से गुंजायमान कर दिया।
![]() |
| नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सांसद मनीष जयसवाल। |
सांसद सेवा कार्यालय से टाउन हॉल तक भव्य पदयात्रा
कार्यक्रम का शुभारंभ हज़ारीबाग के झंडा चौक स्थित सांसद सेवा कार्यालय से हुआ। लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल, भाजपा प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह और जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया। हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने वाली तख्तियां और तिरंगा थामे हजारों महिलाओं का यह काफिला झंडा चौक से शुरू होकर मेन रोड, पैगोडा चौक, गुरु गोविंद सिंह रोड और अन्नदा चौक से होते हुए नगर प्रेक्षागृह (टाउन हॉल) पहुंचा। पदयात्रा के दौरान महिलाओं के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस अधिनियम को लेकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भारी समर्थन है।
![]() |
| नारी शक्ति के समर्थन हो सैकड़ों महिला हुए शामिल। |
सांसद मनीष जायसवाल का संबोधन: "युगांतकारी कदम"
नगर प्रेक्षागृह में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि यह अधिनियम विकसित भारत के निर्माण में एक युगांतकारी कदम साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह कानून महिलाओं को केवल मतदाता के रूप में नहीं, बल्कि नीति-निर्धारक के रूप में स्थापित करेगा।
सांसद ने अपने संबोधन में कहा, "जब संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिलाएं बैठेंगी, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दे प्राथमिकता के साथ सुलझेंगे। यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' (Women-led Development) के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने की एक ठोस पहल है।" उन्होंने उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि और मुद्रा ऋण जैसी पूर्व की सफलताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि अब राजनीतिक भागीदारी इस सशक्तिकरण की यात्रा को पूर्ण करेगी।
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम? (एडसेंस वैल्यू हेतु अतिरिक्त जानकारी)
गौरतलब है कि इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। यह आरक्षण आगामी परिसीमन के बाद प्रभावी होगा, जिससे भारतीय लोकतंत्र अधिक समावेशी और संवेदनशील बनेगा। सम्मेलन में वक्ताओं ने बताया कि 2026 के विशेष सत्र के बाद यह कानून देश की राजनीतिक दिशा और दशा बदलने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के समापन पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे और पूरे मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया।


No comments
Post a Comment