हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारागार में पुलिस का औचक निरीक्षण: दंडाधिकारी की मौजूदगी में संदिग्ध वार्डों की हुई सघन जांच; सुरक्षा को लेकर दिए गए कड़े निर्देश
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी
हजारीबाग। जेलों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के उद्देश्य से हजारीबाग पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक (SP), हजारीबाग के विशेष निर्देश पर मंगलवार की देर रात जिले के दंडाधिकारी (Magistrate) की गरिमामयी उपस्थिति में जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारागार (JPN Central Jail), हजारीबाग का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया गया। इस औचक छापेमारी और जांच अभियान से जेल परिसर के भीतर हड़कंप मच गया।
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| JP N Kendriye Kara Hazaribagh |
संदिग्ध वार्डों की ली गई तलाशी
मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान), हजारीबाग के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस बल द्वारा संचालित की गई। निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने कारागार के भीतर स्थित विभिन्न संदिग्ध वार्डों की बेहद बारीकी और सघनता से जांच की। जेल के भीतर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री, प्रतिबंधित सामान या मोबाइल फोन आदि की उपलब्धता को खंगालने के लिए वार्डों के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।
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| JPN KENDRIYE KARA |
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए कई अहम निर्देश
औचक निरीक्षण के उपरांत प्रमंडलीय जेल की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े निम्नलिखित मुख्य निर्देश जारी किए गए:
जेल के भीतर और बाहरी परिसर में सुरक्षा घेरे को चौबीसों घंटे पूरी तरह मुस्तैद रखने को कहा गया।
जेल प्रशासन के सभी पुलिसकर्मियों और कर्मियों को मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने तथा हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई।
हजारीबाग जिला पुलिस की ओर से जेल सुरक्षा में प्रतिनियुक्त (Deputed) सभी जवानों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के संबंध में आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
रूटीन चेकिंग का हिस्सा है यह कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कारागार में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और जेल मैनुअल के शत-प्रतिशत पालन को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण बेहद जरूरी हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखना और किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक की संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है। इस सघन जांच अभियान में जिले के कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी और भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल रहे।


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