झारखंड में भीषण हीटवेव को लेकर सरकार सख्त: सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश; जल संकट वाले इलाकों में टैंकरों से होगी सप्लाई
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
रांची। झारखंड में लगातार पैर पसारती भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव (लू) को देखते हुए राज्य सरकार बेहद गंभीर हो गई है। आम जनता को इस चिलचिलाती धूप और तपन से राहत दिलाने के लिए झारखंड सरकार हेमंत सोरेन की ओर से राज्य के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को एक विशेष दिशा-निर्देश जारी किया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि इस संकट की घड़ी में 'जनहित सर्वोपरि है' और प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ धरातल पर कार्य करना होगा।
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| Jharkhand Sarkar Hemant Soren. |
सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक जगहों पर अनिवार्य होगी पानी की व्यवस्था
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के तहत राज्य के सभी उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP), थाना प्रभारी, अंचल अधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और पंचायत प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निम्नलिखित व्यवस्थाएं तुरंत लागू करने को कहा गया है:
कार्यालयों के बाहर प्याऊ: सभी सरकारी कार्यालयों, थानों और प्रखंड मुख्यालयों के बाहर आम जनता और फरियादियों के लिए शुद्ध पेयजल (पीने के पानी) की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
सार्वजनिक स्थलों पर नजर: प्रमुख बाजारों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और चौक-चौराहों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों के लिए पानी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
स्पष्ट सूचना बोर्ड: जहाँ कहीं भी पेयजल की व्यवस्था की गई है, वहाँ साफ और स्पष्ट शब्दों में सूचना प्रदर्शित (Signage Board) की जाए, ताकि राहगीरों और जरूरतमंदों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके।
जल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकरों से होगी जलापूर्ति, चापाकल होंगे दुरुस्त
राज्य सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पेयजल की उपलब्धता की रोजाना समीक्षा करें। इसके साथ ही निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए गए हैं:
जिन गांवों, टोलों या मोहल्लों में भूजल स्तर नीचे जाने के कारण जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है, वहाँ तत्काल प्रभाव से पानी के टैंकरों (Water Tankers) के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
गर्मी के कारण बंद या खराब पड़े सभी चापाकलों (Handpumps) की युद्धस्तर पर मरम्मत कराई जाए।
पानी की किल्लत को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर अन्य सभी आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं तुरंत लागू की जाएं।
"किसी भी टोले या मोहल्ले में पानी की कमी बर्दाश्त नहीं"
सरकार ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि झारखंड के किसी भी हिस्से, चाहे वह सुदूर ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी मोहल्ला, पेयजल की कमी के कारण आम लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए। पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। भीषण गर्मी के इस दौर में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी।

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