हजारीबाग DLSA ने बरही में लगाया कानूनी जागरूकता शिविर: ग्रामीणों को पढ़ाया कानून का पाठ, कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त में मिलेगा सरकारी वकील
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
हजारीबाग। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले न्याय को जन-जन तक पहुँचाने का महा-अभियान लगातार जारी है। जिले में चलाए जा रहे 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बरही प्रखंड में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
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गौरिया करमा पंचायत में ग्रामीणों को विधिक अधिकारों के प्रति किया सजग
इसी कड़ी के तहत गुरुवार को बरही प्रखंड अंतर्गत गौरिया करमा पंचायत में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में प्राधिकार द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकार मित्रों ने संयुक्त रूप से उपस्थित ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को कानून की बुनियादी और बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
वक्ताओं ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं और कानूनी राहतों के बारे में विस्तार से बताया:
- निःशुल्क और त्वरित न्याय: जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसी जगह है जहां सभी सुलहनीय (आपसी समझौते के योग्य) मामलों में केवल बातचीत के माध्यम से एवं दोनों पक्षों की आपसी सहमति से वादों का स्थायी निपटारा किया जाता है।
- कोई अदालती शुल्क नहीं: इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्राधिकार या मध्यस्थता केंद्र में किसी भी प्रकार का शुल्क (फीस) देय नहीं होता है। सभी कार्यों को त्वरित और पूरी तरह से निःशुल्क रूप से निष्पादित किया जाता है।
- गरीबों के लिए मुफ्त वकील की सुविधा: समाज के वैसे लोग जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और जो तंगी के कारण न्यायालय में अपना पक्ष रखने हेतु निजी वकील की फीस देने में असमर्थ हैं, उन्हें प्राधिकार द्वारा अपनी पैरवी के लिए निःशुल्क विद्वान सरकारी अधिवक्ता (Panel Lawyer) उपलब्ध कराया जाता है।
बाल विवाह, साइबर क्राइम और नशीले पदार्थों के खिलाफ दी गई जानकारी
शिविर के दौरान अधिकार मित्रों ने समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आम जनजीवन से जुड़े विभिन्न कानूनी विषयों और सामाजिक कुरीतियों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। ग्रामीणों को निम्नलिखित विषयों के प्रति सतर्क करते हुए उनके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में बताया गया:
- मोटर वाहन दुर्घटना एवं पीड़ित मुआवजा नियमावली
- महिला उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा से बचाव के कानून
- बाल विवाह, बाल श्रम और किशोर सुरक्षा अधिनियम
- ऑनलाइन ठगी (साइबर क्राइम) से बचाव के तकनीकी उपाय
- नशीले पदार्थों के सेवन और अवैध व्यापार के विरुद्ध सख्त कानून
शिविर में दी गई जानकारियों को स्थानीय ग्रामीणों ने बड़े ही उत्साहपूर्वक सुना। कई ग्रामीणों ने विधिक सेवा प्राधिकार स्थित मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) के प्रति गहरी रुचि दिखाई और अपने लंबित घरेलू व आपसी विवादों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटे बिना, बातचीत के माध्यम से हमेशा के लिए निपटाने हेतु अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया।
इस सफल जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य रूप से समर्पित अधिकार मित्र सुनील कुमार वर्मा, अरमान हुसैन, विशाल कुमार राणा, रिंकी कुमारी सहित गौरिया करमा पंचायत के सैकड़ों गणमान्य महिला और पुरुष मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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