हजारीबाग में दम तोड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में धक्का मार कर स्टार्ट हो रहीं 108 एंबुलेंस; 35 में से 20 गाड़ियाँ जर्जर
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
हजारीबाग। हजारीबाग जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। जिला प्रशासन की घोर अनदेखी और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही के कारण हजारीबाग के सबसे बड़े अस्पताल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH) में स्थिति बदतर हो चुकी है। इसका सीधा खामियाजा यहाँ आने वाले गरीब मरीजों और उनके बेबस परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन का रवैया आम जनता के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है।
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| Hazaribagh SBMCH 108 Ambulance Condition 2026 |
दावों और हकीकत में बड़ा फासला: बीच राह में धक्का मार रहे कर्मी
एक तरफ सूबे के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी राज्य में उन्नत और हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर से सामने आई एक तस्वीर स्वास्थ्य विभाग की कुव्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण है, जिसमें 108 एम्बुलेंस के ड्राइवर और एम्बुलेंस कर्मी अस्पताल के बीच राह में गाड़ी को धक्का मारकर स्टार्ट करते नजर आ रहे हैं।
जिले की 35 में से 20 से अधिक एंबुलेंस की बैटरियां खराब
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हजारीबाग जिले में आपातकालीन सेवाओं के लिए तैनात गाड़ियों की स्थिति अत्यंत दयनीय है:
- हजारीबाग जिले में कुल मिलाकर करीब 35 '108 आपातकालीन एम्बुलेंस' तैनात हैं।
- विभागीय सुस्ती और मेंटेनेंस के अभाव के कारण इनमें से 20 से अधिक एंबुलेंस की बैटरियां पूरी तरह खराब हो चुकी हैं।
- गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाने का जिम्मा संभालने वाली ये गाड़ियां अब खुद दूसरों के धक्के पर निर्भर हैं।
आपातकाल में अनहोनी हुई तो जिम्मेदार कौन?
इस अव्यवस्था को लेकर स्थानीय जनता और मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में अगर किसी गंभीर मरीज को ले जाते समय एंबुलेंस बीच रास्ते में बंद हो जाए, तो भगवान न करे किसी अनहोनी की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
जनता अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह रवैये पर सीधे सवाल उठा रही है और स्वास्थ्य मंत्री से इस दिशा में तुरंत संज्ञान लेने की मांग कर रही है, ताकि हजारीबाग की जनता को एक सुदृढ़ और विश्वसनीय आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा मिल सके।

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