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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग की लाइफलाइन छड़वा डैम के रेनोवेशन की तैयारी, गेटों के जीर्णोद्धार के लिए नगर निगम ने राँची भेजा पत्र

हजारीबाग नगर निगम ने छड़वा डैम के जर्जर स्पिलवे गेटों के रेनोवेशन हेतु राँची जल संसाधन विभाग से प्राक्कलन (Estimate) मांगा है। जानें पेयजल आपूर्ति की प
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हजारीबाग की लाइफलाइन 'छड़वा डैम' के सुरक्षा की कवायद: जर्जर स्पिलवे गेटों के जीर्णोद्धार के लिए नगर निगम ने मुख्य अभियंता को लिखा पत्र; मानसून से पहले प्राक्कलन तैयार करने का अनुरोध

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग। हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र की लाइफलाइन माने जाने वाले ऐतिहासिक छड़वा डैम (Charwa Dam) की सुरक्षा और शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह रेस हो गया है। आगामी वर्षा ऋतु (मानसून) में डैम पर पानी के अत्यधिक दबाव और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए नगर निगम ने एक बड़ी प्रशासनिक पहल की है।

Hazaribagh Charwa Dam Spillway Gates Renovation 2026

​नगर आयुक्त द्वारा जल संसाधन विभाग, झारखंड (राँची) के मुख्य अभियंता (यांत्रिक) को एक आधिकारिक पत्र भेजकर डैम के सभी स्पिलवे गेटों (Spillway Gates) एवं अन्य घटकों के रेनोवेशन (जीर्णोद्धार) हेतु विस्तृत प्राक्कलन (Detailed Estimate) तैयार करने का विशेष अनुरोध किया गया है।

​1952 के बाद से नहीं हुई मरम्मत, गेट संख्या 7 हो चुका है क्षतिग्रस्त

​प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सन् 1952 में दामोदर घाटी निगम (DVC) द्वारा निर्मित इस ऐतिहासिक छड़वा डैम के गेटों की स्थापना के बाद से अब तक कोई व्यापक मरम्मत या रेनोवेशन का कार्य नहीं किया गया है।

  • ​विदित हो कि पिछले वर्ष अक्टूबर 2025 में हुई मूसलाधार बारिश के कारण डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया था, जिससे इसके गेट संख्या 7 को भारी क्षति पहुँची थी।
  • ​उस समय उपायुक्त (DC), हजारीबाग द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण के बाद नगर निगम कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त गेट की तात्कालिक मरम्मत व प्रतिस्थापन कार्य कराया था।

​जर्जर गेटों के कारण जल संकट का खतरा, पानी का नहीं हो पा रहा ठहराव

​CURRENT समय में डैम के अन्य सभी स्पिलवे गेटों की स्थिति अत्यंत जर्जर, पुरानी और खराब हो चुकी है। तकनीकी अधिकारियों के अनुसार:

  • ​आगामी मानसून और वर्षा ऋतु में यदि जल स्तर और पानी का दबाव अचानक बढ़ता है, तो अन्य गेटों व घटकों के टूटकर क्षतिग्रस्त होने की प्रबल संभावना है।
  • ​इसके अतिरिक्त, गेटों की जर्जर स्थिति के कारण डैम में पानी का समुचित ठहराव (Water Retention) नहीं हो पा रहा है, जिससे पानी लगातार लीक हो रहा है।
  • ​यदि समय रहते इस समस्या को दूर नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पूरे हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति (Drinking Water Supply) व्यवस्था बुरी तरह चरमरा सकती है।

​बनासो कार्यपालक अभियंता तैयार करेंगे विस्तृत प्राक्कलन

​जनहित और पूरे शहर की प्यास बुझाने वाले इस इकलौते मुख्य स्रोत की महत्ता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया है। नगर आयुक्त द्वारा जल संसाधन विभाग से अनुरोध किया गया है कि वे कार्यपालक अभियंता, यांत्रिक प्रमंडल, बनासो को इस संबंध में स्थल का निरीक्षण कर विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने हेतु अविलंब निर्देशित करें।

​प्राक्कलन तैयार होने के बाद जल्द से जल्द इसकी तकनीकी स्वीकृति (Technical Sanction) प्रदान करते हुए नगर निगम कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि धरातल पर जीर्णोद्धार का कार्य बिना किसी देरी के शुरू किया जा सके और मानसून से पहले डैम को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

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