झारखंड में भीषण गर्मी का प्रकोप: हजारीबाग जिला प्रशासन ने जारी की 'लू' से बचाव की गाइडलाइन, स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी के लिए डायल करें टोल-फ्री नंबर 104
हजारीबाग। मई के महीने में सूरज के तीखे तेवरों और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों से पूरा झारखंड तप रहा है। भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) की संभावना को देखते हुए झारखंड सरकार के निर्देश पर जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, हजारीबाग द्वारा जनहित में एक विशेष स्वास्थ्य परामर्श (Advisory) जारी किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संदेश के साथ जारी इस गाइडलाइन में आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे तेज धूप और लू के कुप्रभावों से बचने के लिए सतर्कता और सावधानियां बरतें।
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| Jan Hit Prakarsh |
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक तापमान के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
गर्म हवाओं और लू के मुख्य लक्षण
चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में अचानक तापमान बढ़ने और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
शरीर में पानी की अत्यधिक कमी (Dehydration) होना।
उल्टी होना और बहुत तेज बुखार आना।
अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, सिरदर्द और चक्कर आना।
गंभीर मामलों में हृदयाघात (Heart Attack), मस्तिष्काघात (Brain Stroke) और कार्डियोवैस्कुलर (दिल से जुड़ी) जटिलताएं होना।
ओ.आर.एस. (ORS) घोल बनाने की सही विधि और उपयोग
प्रशासन ने हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए ओआरएस (ORS) के पैकेट के सही इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। पोस्टर के मुताबिक यह पैकेट निकटतम सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य उपकेंद्र या सहिया के पास निःशुल्क (Free) उपलब्ध है। इसे बनाने का सही तरीका इस प्रकार है:
एक साफ बर्तन में एक लीटर पानी (साधारण ग्लास से लगभग पांच ग्लास) लें।
इसमें ओ.आर.एस. का एक पूरा पैकेट अच्छी तरह से घोल दें।
तैयार किए गए इस घोल को लू से प्रभावित व्यक्ति को कुछ-कुछ अंतराल पर चम्मच से देते रहें।
विशेष ध्यान दें: एक बार बनाए गए ओ.आर.एस. घोल का उपयोग 24 घंटे के बाद बिल्कुल न करें।
गर्मी में क्या खाएं और किन चीजों का नियमित सेवन करें?
शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित घरेलू और ठंडी चीजों के नियमित सेवन की सलाह दी है:
नमक-चीनी का पानी, नींबू-पानी और आम का पन्ना (शरबत)।
मट्ठा/छाछ, लस्सी और नारियल पानी।
तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन करें।
लू लगने पर क्या करें और क्या न करें? (महत्वपूर्ण सावधानियां)
पहनावा: धूप में निकलते समय हमेशा हल्के रंग के, ढीले-ढाले सूती (Cotton) कपड़े पहनें। आंखों की सुरक्षा के लिए धूप का चश्मा और सिर ढकने के लिए तौलिया या गमछा साथ रखें। पैरों में जूते या चप्पल जरूर पहनें।
आपातकालीन स्थिति: यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए, तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर लेटा दें। अगर उसके कपड़े तंग (Tight) हैं, तो उन्हें ढीला कर दें या हटा दें। ठंडे गीले कपड़े से शरीर को पोंछें या ठंडे पानी से नहलाएं।
अस्पताल कब ले जाएं: यदि लू प्रभावित व्यक्ति की हालत में एक घंटे के भीतर सुधार न दिखे, तो बिना देर किए उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र (Health Centre) ले जाएं।
24/7 निःशुल्क राज्य हेल्पलाइन नंबर 104 जारी
हजारीबाग जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए सूचित किया है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की आपातकालीन जानकारी, परामर्श या शिकायत दर्ज कराने के लिए राज्य सरकार का टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 चौबीसों घंटे (24/7) कार्यरत है। नागरिक किसी भी समय इस नंबर पर कॉल कर मुफ्त चिकित्सकीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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