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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग: एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ने मनाया पहला स्थापना दिवस; हवन-पूजा के साथ उत्सव, उत्कृष्ट

HZB आरोग्यम कुणाल हॉस्पिटल हजारीबाग का पहला स्थापना दिवस मना। हवन-पूजन के साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को किया गया सम्मानित।
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हजारीबाग: एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ने मनाया पहला स्थापना दिवस; हवन-पूजा के साथ उत्सव, उत्कृष्ट कर्मियों को किया गया सम्मानित

सफलता का एक वर्ष: जटिल ऑपरेशनों को सफल बना आरोग्यम कुणाल हॉस्पिटल ने जीता जनता का भरोसा; निदेशक हर्ष अजमेरा ने जताया आभार

"मरीजों की सेवा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता"— स्थापना दिवस पर बोलीं प्रशासक जया सिंह

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में शुमार एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के प्रथम स्थापना दिवस पर गुरुवार को अस्पताल परिसर में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। इस खास अवसर पर सुबह से ही विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना, भव्य हवन एवं वैदिक मंत्रोच्चारण का आयोजन किया गया, जिसके बाद अस्पताल परिवार ने मिलकर अपनी एक वर्ष की सफल और सेवामयी यात्रा का जश्न मनाया। इस दौरान पूरे परिसर में उल्लास और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त रहा।

🗣️ "सेवा ही संकल्प": प्रबंधन ने दोहराया संकल्प— मरीजों की मुस्कुराती सेहत ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, भविष्य में मिलेंगी और भी आधुनिक सुविधाएं।

कम समय में बनी पहचान, कई जटिल ऑपरेशनों को किया सफल

​मात्र एक वर्ष पूर्व शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा संस्था ने बेहद कम समय में ही समूचे हजारीबाग और आस-पास के क्षेत्रों में अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर ली है। विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों के उपचार के क्षेत्र में अस्पताल ने कई अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन व इलाज कर आम लोगों के बीच गहरा विश्वास अर्जित किया है। बेहतर चिकित्सकीय इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के कारण यह अस्पताल लगातार मरीजों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

समर्पित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का हुआ सम्मान

​स्थापना दिवस समारोह के मुख्य पड़ाव में अस्पताल की प्रगति और विकास में रीढ़ की हड्डी की तरह महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों को मंच पर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और अद्वितीय सेवा भावना के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों ने भावुक होते हुए कहा कि यह सम्मान उनके कार्य के प्रति प्रेरणा और जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ा देता है।

"जनता का अटूट विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी"

​इस भव्य आयोजन के दौरान अस्पताल के नेतृत्वकर्ताओं ने संस्थान के विजन को साझा किया:

  • निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा: "यह शानदार उपलब्धि अस्पताल परिवार के प्रत्येक सदस्य की दिन-रात की कड़ी मेहनत और जनता के अटूट विश्वास का मधुर परिणाम है। आने वाले समय में अस्पताल और अधिक आधुनिक तकनीकों व सुविधाओं के साथ अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे का विस्तार करेगा।"
  • प्रशासक जया सिंह ने कहा: "मरीजों का विश्वास ही हमारे अस्पताल की सबसे बड़ी पूंजी है। भविष्य में भी महिलाओं और बच्चों को बेहतर, सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हमारा पूरा अस्पताल प्रबंधन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।"

समारोह में गरिमामयी उपस्थिति

​इस गौरवशाली स्थापना दिवस कार्यक्रम में हजारीबाग के कई वरिष्ठ चिकित्सकों, सामाजिक शुभचिंतकों एवं गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पूजा-अर्चना और हवन की पूर्णाहुति के बाद सभी ने अस्पताल की निरंतर प्रगति एवं निस्वार्थ जनसेवा के संकल्प को सामूहिक रूप से दोहराया।

​इस मौके पर मुख्य रूप से आरोग्यम अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रजत चक्रवर्ती, प्रसिद्ध महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजना शरण सहित भारी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के प्रबंधन कर्मचारी उपस्थित थे।

📋 न्यूज प्रहरी हेल्थ केयर गाइड (Mother & Child Health Context)

​📌 शिशु और महिला स्वास्थ्य: अस्पताल या विशेषज्ञ चुनते समय इन 3 मुख्य मानकों को जरूर परखें

  1. 24x7 इमरजेंसी और एनआईसीयू (NICU): बच्चों के अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए गहन चिकित्सा इकाई (NICU) और चौबीसों घंटे पीडियाट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) की उपलब्धता अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि आपातकालीन स्थिति में समय रहते इलाज मिल सके।
  2. क्रिटिकल केयर बैकअप: प्रसव (Delivery) या किसी जटिल महिला रोग के ऑपरेशन के समय एडवांस आईसीयू बैकअप का होना बेहद जरूरी है, जो गंभीर मामलों में मरीज को सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
  3. संवेदनशील स्टाफ (Empathetic Care): मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य में सिर्फ दवाएं नहीं, बल्कि नर्सिंग स्टाफ का मरीजों के प्रति संवेदनशील और दोस्ताना व्यवहार रिकवरी को 50% तक आसान बना देता है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: हजारीबाग में स्पेशलाइज्ड हेल्थकेयर का बढ़ता दायरा (Editorial)

महिला और शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनता हजारीबाग

कुछ साल पहले तक हजारीबाग और आस-पास के जिलों में महिलाओं और नवजात बच्चों से जुड़े जटिल मेडिकल केस आने पर मरीजों को तुरंत रांची या पटना रेफर कर दिया जाता था, जिससे न सिर्फ आर्थिक बोझ बढ़ता था बल्कि रास्ते में मरीज की जान का जोखिम भी रहता था। ऐसे में एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल जैसे स्पेशलाइज्ड संस्थानों का एक वर्ष का सफल सफर यह दिखाता है कि अब स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय इलाज संभव हो पा रहा है।

​स्थापना दिवस पर ग्राउंड स्टाफ और नर्सों को सम्मानित करना प्रबंधन की एक बेहतरीन सोच है, क्योंकि किसी भी अस्पताल का चेहरा वहां के फ्रंटलाइन वर्कर्स ही होते हैं। उम्मीद है कि यह अस्पताल भविष्य में अपनी गुणवत्ता को इसी प्रकार बरकरार रखते हुए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के नए प्रतिमान स्थापित करेगा.

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल हॉस्पिटल परिसर (स्थापना दिवस समारोह)

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