पीएम स्वनिधि योजना: जून महीने भर लगेगा 'लोक कल्याण मेला', फुटपाथ विक्रेताओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से सीधे मिलेगा लोन; नगर निगम ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
"01 से 30 जून तक चलेगा विशेष कैंप, खाने-पीने का सामान बेचने वाले 50 स्ट्रीट वेंडर्स को दी गई फूड सेफ्टी की ट्रेनिंग"— नगर निगम प्रशासन
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
नगरीय प्रशासन निदेशालय (नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार, रांची) तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (भारत सरकार) से प्राप्त आधिकारिक आदेशों के आलोक में हजारीबाग नगर निगम द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया गया है। दिनांक 01 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलने वाले इस 'स्वनिधि महोत्सव' स्पेशल कैंप के जरिए पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों एवं उनके परिवारों की उपलब्धियों को एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) के बीच जागरूकता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
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| 🍏 सुरक्षित खाना, स्मार्ट दुकान: 50 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को मिली खाद्य सुरक्षा की स्पेशल ट्रेनिंग, FSSAI के तहत मौके पर ही जारी हुए फूड लाइसेंस। |
महीने भर लगेगा 'लोक कल्याण मेला', वेंडर्स को तुरंत मिलेगा लोन
नगर निगम प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र में 'लोक कल्याण मेला' लगाया जाना सुनिश्चित हुआ है। इसके तहत विभिन्न चिन्हित स्थानों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां स्ट्रीट वेंडर्स से पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण (लोन) के लिए ऑनलाइन आवेदन करवाए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न सहयोगी बैंकों के माध्यम से उन्हें त्वरित गति से ऋण का वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) तथा 'मैं भी डिजिटल' योजना से संबंधित कैंप भी एक साथ लगाए जाएंगे।
50 फुटपाथ विक्रेताओं को मिला फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट और डिजिटल ट्रेनिंग
इसी कड़ी में आज नगर निगम के केंद्रीय सभागार में खाने-पीने का सामान बेचने वाले 50 प्रमुख फुटपाथ विक्रेताओं के लिए एक विशेष जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
- फूड सेफ्टी की मिली जानकारी: कार्यक्रम में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंजर हुसैन एवं नगर निगम के सैनिटरी व फूड इंस्पेक्टर उमेश कुमार द्वारा वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा (फूड सेफ्टी), साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के उचित रखरखाव के बारे में बेहद बारीक व विस्तृत जानकारी दी गई।
- ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन: FSSAI के कड़े नियमों के तहत मौके पर ही स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लाभार्थियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर उन्हें फूड लाइसेंस व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
'मैं भी डिजिटल' योजना के तहत दुकानदार हुए स्मार्ट
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'मैं भी डिजिटल' योजना के अंतर्गत सभी उपस्थित फुटपाथ विक्रेताओं को ग्राहकों से डिजिटल लेनदेन (UPI/QR Code) करने के प्रति जागरूक किया गया और कई दुकानदारों को मौके पर ही डिजिटली एक्टिव भी किया गया। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर निगम के मुख्य कर्मियों जैसे सीएमएम (CMM - सिटी मिशन मैनेजर), सीओ (CO - कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर) एवं सीआरपी (CRPs - कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन्स) की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।
📋 न्यूज प्रहरी सरकारी योजना गाइड (PM SVANidhi Scheme Context)
📌 पीएम स्वनिधि योजना: छोटे दुकानदारों के लिए बिना गारंटी लोन पाने की पूरी प्रक्रिया
- क्या है यह योजना?: पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना के तहत रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ दुकानदारों को अपना व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी के 10,000 रुपये तक का पहला वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है।
- डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक: यदि दुकानदार समय पर लोन चुकाते हैं और अपने ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट (PhonePe, Paytm, BHIM UPI) लेते हैं, तो उन्हें सरकार की तरफ से सालाना 7% की ब्याज सब्सिडी और मंथली कैशबैक भी मिलता है।
- लोन राशि में बढ़ोतरी: पहला लोन समय पर या समय से पहले चुकाने पर दुकानदार अगले चरण में 20,000 रुपये और फिर तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक के बड़े लोन के लिए पात्र हो जाते हैं।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: फुटपाथ दुकानदारों का डिजिटलीकरण और आर्थिक सशक्तिकरण (Editorial)
स्ट्रीट वेंडर्स को मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय प्रयास
हजारीबाग नगर निगम द्वारा 'स्वनिधि महोत्सव' के तहत 'लोक कल्याण मेला' लगाना और एक महीने का विशेष कैंप चलाना एक बेहद प्रगतिशील कदम है। किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था की सबसे बुनियादी रीढ़ वहां के रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ दुकानदार होते हैं। इन्हें बैंकों के माध्यम से सीधे लोन मुहैया कराना इन्हें साहूकारों के कर्जजाल से मुक्ति दिलाने जैसा है।
इसके अतिरिक्त, डिजिटल भुगतान और FSSAI के तहत फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन जोड़ना इस अभियान को और अधिक व्यावहारिक बनाता है। जब एक छोटा ठेला लगाने वाला दुकानदार भी फूड लाइसेंस के साथ और डिजिटल कोड रखकर व्यापार करेगा, तो उसका न केवल आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा। नगर निगम के सीएमएम, सीओ और सीआरपी को इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि कोई भी जरूरतमंद वेंडर कागजी प्रक्रियाओं के फेर में छूटने न पाए।
- रिपोर्टर: मुन्ना सिंह (Digital News Publisher, News Prahari)
- प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 31 / 04.06.2026 / हजारीबाग
- समाचार स्रोत (Source): नगर निगम सभागार, हजारीबाग

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