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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: SBMCH की बदहाली पर सांसद मनीष जायसवाल गंभीर; मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अधीक्षक से मिलकर सौंपा मांग पत्र, ट्रॉमा सेंटर और आईसीयू की व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम

SBMCH हजारीबाग की बदहाली पर सांसद मनीष जायसवाल सख्त। प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अधीक्षक को मांग पत्र सौंपकर व्यवस्था सुधारने को कहा।
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शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के भरोसे ट्रॉमा सेंटर! सांसद प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने व्यवस्थागत लापरवाही पर जताया रोष, अधीक्षक ने दिया सुधार का भरोसा

"भीषण गर्मी में मरीज परेशान, वेंटिलेटर, लिफ्ट और एसी खराब; ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे तैनात हों सीनियर फिजिशियन और सर्जन"— रंजन चौधरी

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले और नगर अवस्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल बेहद गंभीर हैं। सांसद के निर्देश पर गुरुवार को उनके लोकसभा मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की गंभीर लापरवाहियों और व्यवस्थागत कमियों को उजागर करते हुए एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।

🏥 हजारीबाग SBMCH की बदहाली पर सांसद मनीष जायसवाल सख्त! प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने प्रबंधन को दिया अल्टीमेटम।

मैनेजमेंट की लापरवाही से गरीब मरीज बेहाल, ऑक्सीजन प्लांट भी ठप्प

​सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल प्रबंधन पर तीखा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अस्पताल पूरे हजारीबाग क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जीवनरेखा (लाइफलाइन) है। परंतु, वर्तमान में प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण यहां आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल परिसर में स्थापित एक पीएसए (PSA) ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण गंभीर मरीजों की जान पर बन आ रही है।

जूनियर डॉक्टरों के भरोसे ट्रॉमा सेंटर, रिफर करने के चलन पर रोक लगाने की मांग

​रंजन चौधरी ने अस्पताल के आपातकालीन और संवेदनशील ट्रॉमा सेंटर की बदहाली पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि:

"वर्तमान में ट्रॉमा सेंटर को सिर्फ जूनियर डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया जाता है, जिससे मरीजों को समय पर उचित और सटीक इलाज नहीं मिल पाता। हमारी मांग है कि ट्रॉमा सेंटर में चौबीसों घंटे जूनियर रेजिडेंट्स के साथ-साथ एक सीनियर फिजिशियन और एक सीनियर सर्जन की रोटेशनल ड्यूटी तैनाती अनिवार्य की जाए, ताकि गंभीर मरीजों को बेवजह दूसरे अस्पतालों में रेफर करने के इस चलन पर तुरंत रोक लग सके।"


​इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम विभाग की विशेष मॉनिटरिंग की मांग की ताकि पीड़ितों को सही समय पर न्याय मिल सके। पत्र में आर्थोपेडिक वार्ड में चल रहे खेल को भी उजागर किया गया है, जहां बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों से इंप्लांट के नाम पर मनमानी रकम वसूली जा रही है। उन्होंने यहां जरूरत के सभी इम्प्लांट का एक प्रामाणिक 'रेट चार्ट' डिस्प्ले कराने का आग्रह किया ताकि मरीजों से अवैध वसूली रोकी जा सके। इसके अलावा डॉक्टरों को सिर्फ सरकारी दवाएं ही पर्चे पर लिखने के सख्त निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया।

🏥 हजारीबाग SBMCH की बदहाली पर सांसद मनीष जायसवाल सख्त! प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने प्रबंधन को दिया अल्टीमेटम।

भीषण गर्मी में खराब पड़े हैं एसी-पंखे, वेंटिलेटर की भारी कमी

​अस्पताल के भीतर चल रही प्रशासनिक शिथिलता को उजागर करते हुए रंजन चौधरी ने बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि:

  • बिजली और पानी का संकट: इस भीषण गर्मी में भी अस्पताल के कई वार्डों के एसी और पंखे खराब पड़े हैं। बिजली कटने पर जनरेटर सुचारू रूप से नहीं चलता और सोलर पैनल सिस्टम भी ठप्प है। मरीज पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं।
  • खराब लिफ्ट: बहुमंजिला भवनों में लिफ्ट खराब होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को सीढ़ियों से आना-जाना पड़ रहा है।
  • वेंटिलेटर की कमी: पूरे ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ एक वेंटिलेटर चालू है। ओल्ड और न्यू आईसीयू (ICU) में तत्काल नए वेंटिलेटर स्थापित किए जाने की जरूरत है और इसे संचालित करने के लिए अलग से विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों की बहाली आवश्यक है।
  • एम्बुलेंस हेल्पलाइन: मरीजों की सहूलियत के लिए मेडिकल कॉलेज के सभी सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवरों के नंबर वार्डों में प्रदर्शित किए जाएं।

अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने दिया जल्द सुधार का भरोसा

​सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा उठाए गए इन तमाम संवेदनशील और गंभीर मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि अस्पताल की कमियों को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी शिकायतों और समस्याओं का निवारण कर स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।

📋 न्यूज प्रहरी हेल्थ अवेयरनेस गाइड (Patient Rights Context)

​📌 मरीजों के अधिकार: सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान इन 3 बातों की जानकारी जरूर रखें

  1. निःशुल्क दवाओं का अधिकार: सरकारी नीति के अनुसार डॉक्टरों को अस्पताल में उपलब्ध सरकारी दवाएं ही लिखनी चाहिए। यदि बाहर की दवा लिखी जा रही है, तो आप अस्पताल काउंटर पर उपलब्ध स्टॉक रजिस्टर की जानकारी मांग सकते हैं।
  2. आयुष्मान भारत योजना लाभ: यदि आप आयुष्मान योजना के अंतर्गत पात्र हैं, तो आर्थोपेडिक या किसी भी अन्य सर्जरी में इंप्लांट के लिए अतिरिक्त या मनमानी राशि देना कानूनन गलत है। इसकी शिकायत तुरंत अस्पताल के आयुष्मान मित्र या शिकायत सेल में करें।
  3. रेफरल का कारण: यदि अस्पताल प्रबंधन मरीज को किसी अन्य अस्पताल (जैसे रिम्स) रेफर करता है, तो रेफरल स्लिप पर रेफर करने का स्पष्ट चिकित्सीय कारण दर्ज होना अनिवार्य है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: सरकारी स्वास्थ्य ढांचा और जनप्रतिनिधियों की तत्परता (Editorial)

सिर्फ शिकायत नहीं, धरातल पर कड़े प्रशासनिक सुधारों की है आवश्यकता

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। जब किसी संसदीय क्षेत्र का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज अस्पताल बिजली, पानी, पंखे और वेंटिलेटर जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझे, तो आम जनता की बेबसी को आसानी से समझा जा सकता है। सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर रंजन चौधरी द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है, क्योंकि जनप्रतिनिधियों का दबाव ही सोए हुए प्रशासनिक तंत्र को जगाता है।

​हालांकि, ट्रॉमा सेंटर को सीनियर सर्जनों के हवाले करना और इंप्लांट्स का रेट चार्ट सार्वजनिक करना ऐसे सुधार हैं जो बिना कड़े रुख के संभव नहीं हैं। अस्पताल अधीक्षक ने आश्वासन तो दिया है, लेकिन न्यूज़ प्रहरी इस बात पर नजर रखेगा कि ये वादे कब तक जमीन पर उतरते हैं। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

  •      रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari. ​
  •      समाचार स्रोत (Source): Ranjan Choudhary Ki Kalam Se शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) कार्यालय
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