बड़कागांव की चौपालों पर पहुंची कानून की पाठशाला: सांढ पंचायत में DLSA ने चलाया 90 दिवसीय जागरूकता अभियान; ग्रामीणों को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
प्रधान जिला न्यायाधीश धुर्व चंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन और सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में घर-घर पहुंचे 'अधिकार मित्र'; नालसा, झालसा स्कीम और सरकारी योजनाओं से ग्रामीणों को कराया रूबरू।
विशेष संवाददाता, बड़कागांव (हजारीबाग)
- रिपोर्टर: विशेष संवाददाता (News Prahari) / नरेश सोनी (Editor-in-Chief)
- समाचार स्रोत (Source): जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय, हजारीबाग।
बड़कागांव (हजारीबाग)। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को कानूनी रूप से साक्षर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) का महाभियान लगातार जारी है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देशानुसार और प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष (डीएलएसए) हजारीबाग, धुर्व चंद्र मिश्रा के दिशानिर्देश में चलाए जा रहे 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम के तहत सोमवार को टीम ने बड़कागांव प्रखंड में दस्तक दी।
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| 🚨 हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) का बड़कागांव में बड़ा आउटरीच कार्यक्रम: सजग बनेगा ग्रामीण हजारीबाग! 🚨 |
इस अभियान के तहत बड़कागांव के सांढ पंचायत अंतर्गत विभिन्न गांवों, मोहल्लों और घर-घर पहुंचकर प्राधिकार के प्रशिक्षित 'अधिकार मित्रों' ने आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और जनकल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराया।
डीएलएसए सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी खुद रख रहे हैं पैनी नजर
ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे इस व्यापक अभियान की प्रभावशीलता को बनाए रखने के लिए डीएलएसए के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी स्वयं इस पूरे 90 दिवसीय कार्यक्रम की पल-पल की मॉनिटरिंग और समीक्षा कर रहे हैं। इस अभियान के जरिए सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले ऐसे लोगों को लक्षित किया जा रहा है, जो जानकारी के अभाव में अपने कानूनी हक और सरकारी लाभ से वंचित रह जाते हैं।
नालसा-झालसा स्कीमों की दी गई जानकारी, संकट के लिए बताए गए ये 3 जरूरी हेल्पलाइन नंबर
सांढ पंचायत के विभिन्न चौक-चौराहों और घरों में आयोजित बैठकों के दौरान अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया। इसके साथ ही, ग्रामीणों को किसी भी आकस्मिक संकट, ठगी या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सरकार और प्राधिकार द्वारा जारी तीन अत्यंत महत्वपूर्ण टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूक किया गया:
- 📞 15100: मुफ्त कानूनी सहायता और प्राधिकार से संपर्क करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा हेल्पलाइन नंबर।
- 📞 1930: साइबर अपराध या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर।
- 📞 1098: बच्चों के संरक्षण, बाल विवाह रोकने और संकटग्रस्त बच्चों की मदद के लिए 'चाइल्डलाइन' हेल्पलाइन नंबर।
अधिकार मित्रों की टीम रही मुस्तैद, ग्रामीणों की दिखी भारी उपस्थिति
इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राधिकार के प्रशिक्षित अधिकार मित्र प्रशांत कुमार, उमाशंकर महतो, रीता कुमारी, हिना तिर्की, मनोज कुमार साहू एवं सूरज कुमार रवि ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने सरल भाषा में ग्रामीणों को कानूनी पेचीदगियों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया समझाई। कार्यक्रम के दौरान सांढ पंचायत की भारी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: डिजिटल युग में ग्रामीण भारत को सुरक्षा कवच देते हेल्पलाइन नंबर (Editorial)
अधिकारों की बात के साथ-साथ व्यावहारिक सुरक्षा दे रहा है हजारीबाग DLSA
हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार का बड़कागांव के ग्रामीण अंचलों में पहुंचना यह दिखाता है कि न्याय व्यवस्था अब केवल कोर्ट-कचहरी की फाइलों तक सीमित नहीं है। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें ग्रामीणों को केवल सैद्धांतिक कानून नहीं सिखाया जा रहा, बल्कि उन्हें 15100, 1930 और 1098 जैसे व्यावहारिक और बेहद जरूरी टूल दिए जा रहे हैं।
आज के डिजिटल दौर में जब साइबर ठगी के मामले गांवों तक पैर पसार रहे हैं, ऐसे में ग्रामीणों को 1930 (साइबर हेल्पलाइन) की जानकारी देना उन्हें एक बड़ा आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। इसी तरह बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए चाइल्डलाइन (1098) की जानकारी बेहद कारगर साबित होगी। प्रधान जिला न्यायाधीश धुर्व चंद्र मिश्रा और सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी का यह अनवरत प्रयास सराहनीय है। यह अभियान न केवल लोगों को जागरूक कर रहा है, बल्कि प्रशासनिक और विधिक सहायता को सीधे जनता की उंगलियों पर लाकर खड़ा कर रहा है।

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