प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 को लेकर हजारीबाग नगर निगम का कड़ा अल्टीमेटम: सितंबर 2026 के बाद नहीं मिलेगी कोई किस्त, अधूरा मकान छोड़ने पर लाभुक खुद होंगे जिम्मेदार
सहायक नगर आयुक्त का आदेश: हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में PMAY 1.0 के तहत किस्त लेकर भी घर न बनाने वालों पर गिरेगी गाज; तय समय के बाद बंद हो जाएगा फंड
"भारत सरकार के निर्देशानुसार सितंबर 2026 तक ही संचालित होगी योजना, लाभुक अपने निजी संसाधनों से निर्माण पूरा करने को होंगे मजबूर"— नगर निगम प्रशासन
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
- रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): सहायक नगर आयुक्त कार्यालय, नगर निगम, हजारीबाग
हजारीबाग:
नगर निगम हजारीबाग क्षेत्र के अंतर्गत केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के उन तमाम लाभुकों के लिए एक बेहद जरूरी और सतर्क करने वाली खबर है, जिन्होंने सरकारी सहायता की किस्तें लेने के बाद भी अब तक अपने मकान का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है। हजारीबाग नगर निगम ने प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 33/8.06.2026/हजारीबाग जारी करते हुए ऐसे सभी सुस्त और लापरवाह लाभुकों को कड़ा अल्टीमेटम दे दिया है। नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि आगामी सितंबर 2026 तक आवासों का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा नहीं हुआ, तो केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली आगामी सहायता राशि को हमेशा के लिए रोक दिया जाएगा।
![]() |
| 📝 विज्ञप्ति संख्या 33 की मुख्य बातें: भारत सरकार बंद कर रही है PMAY 1.0 योजना; किस्तें लेकर भी निर्माण न करने वालों को अब नहीं मिलेगा कोई अतिरिक्त समय। |
विज्ञप्ति के माध्यम से नगर निगम क्षेत्र के उन सभी लाभुकों को सीधे तौर पर सूचित किया गया है, जिन्हें आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त अथवा अन्य किस्तों की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जा चुका है, परंतु उनके द्वारा या तो अभी तक धरातल पर निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं किया गया है अथवा उनका कार्य काफी समय से अपूर्ण अवस्था में लटका हुआ है।
सितंबर 2026 के बाद बंद हो जाएगा PMAY 1.0 का फंड
सहायक नगर आयुक्त ने भारत सरकार से प्राप्त कड़े दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 का संचालन केवल सितंबर 2026 तक ही किया जाना तय किया गया है। यह योजना की अंतिम समापन अवधि है। अतः सभी संबंधित और स्वीकृत लाभुकों को यह कड़ा निर्देश दिया जाता है कि वे अपने स्वीकृत आवास के निर्माण कार्य को पूरी प्राथमिकता दें और राजमिस्त्री व मजदूरों को लगाकर यथाशीघ्र काम पूर्ण कराएं। लाभुकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही अपने मकान की भौतिक प्रगति (Physical Progress) को सुनिश्चित करना होगा ताकि समय पर उनकी जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) कर अगली किस्तें जारी की जा सकें।
अधूरा मकान छोड़ने पर जेब से लगाना होगा पूरा पैसा
नगर निगम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि योजना की निर्धारित समय-सीमा यानी सितंबर 2026 की समाप्ति तक किसी भी लाभुक द्वारा अपने आवास का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जाता है, तो भविष्य में किसी भी परिस्थिति में अगली वित्तीय सहायता या बची हुई अनुदान राशि उपलब्ध नहीं कराई जा सकेगी। ऐसी स्थिति में, योजना के बंद हो जाने के कारण, मकान का जितना भी शेष निर्माण कार्य बचेगा, उसे लाभुक को अपने निजी संसाधनों, पारिवारिक जमापूंजी और निजी व्यय से ही रोना-गाकर पूरा करना होगा। सरकारी स्तर पर एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं मिलेगा। प्रशासन ने इस आदेश को अत्यंत आवश्यक और अंतिम चेतावनी समझते हुए सभी लाभुकों से समय पर अपने सपनों का आशियाना पूर्ण करने की पुरजोर अपील की है।
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (PMAY Guidelines & Rights)
📌 प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): जानिए किस्त मिलने के नियम और लाभुक की जिम्मेदारी
- समय पर निर्माण की अनिवार्यता: PMAY (U) के नियमों के अनुसार, आवास स्वीकृति और प्रथम किस्त मिलने के बाद लाभुक को अधिकतम 12 से 18 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होता है। ऐसा न करने पर प्रशासनिक स्तर पर नोटिस जारी किया जाता है।
- जियो-टैगिंग और किस्त का नियम: योजना के तहत फंड सीधे लाभुक के खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से तीन से चार किस्तों में (नींव, लेंटर, और पूर्णता के आधार पर) ट्रांसफर किया जाता है। हर चरण के बाद नगर निगम की टीम मकान की जियो-टैगिंग करती है, जिसके बिना अगली किस्त जारी नहीं हो सकती।
- लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई: यदि कोई लाभुक सरकारी राशि का उठाव (विड्रॉल) करने के बाद भी जानबूझकर निर्माण कार्य शुरू नहीं करता है या पैसों का दुरुपयोग किसी अन्य काम में करता है, तो नगर निगम प्रशासन को उक्त राशि की सरकारी वसूली (Certificate Case) करने और कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: किस्तों का उठाव और अधूरे पड़े मकान, हजारीबाग के शहरी विकास के सामने बड़ी चुनौती (Editorial)
समय-सीमा की बंदिश और जनता की सुस्ती: सितंबर 2026 के बाद PMAY 1.0 का बंद होना हजारीबाग के लिए बड़ा झटका
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत हजारीबाग नगर निगम द्वारा जारी यह अल्टीमेटम केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आखिरी मौका है जो अपने पक्के मकान का सपना देख रहे हैं। अक्सर ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान यह देखा गया है कि कई लाभुक पहली या दूसरी किस्त मिलने के बाद पैसों को घर की शादियों, बीमारियों या अन्य घरेलू कामों में खर्च कर देते हैं और मकान का ढांचा अधूरा ही छोड़ देते हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 की जो लक्ष्मण रेखा खींची है, उसने लाभुकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में सैकड़ों ऐसे आवास हैं जो फंड मिलने के बाद भी कंक्रीट के पिलर बनकर खड़े हैं। सहायक नगर आयुक्त का यह फैसला प्रशासनिक रूप से बिल्कुल सही है क्योंकि एक निश्चित अवधि के बाद केंद्र सरकार का पोर्टल ब्लॉक हो जाता है और फंड स्वतः ही लैप्स हो जाता है। न्यूज़ प्रहरी तमाम लाभुकों से अपील करता है कि वे इस चेतावनी को हल्के में न लें। अगर सितंबर 2026 तक आपके मकान की छत नहीं ढली, तो आपको सरकार से एक नया पैसा नहीं मिलेगा और महंगाई के इस दौर में अपने पैसे से मकान पूरा करना किसी भी गरीब के लिए नामुमकिन जैसा होगा। नगर निगम को भी चाहिए कि वे केवल नोटिस न भेजें, बल्कि वार्ड पार्षदों और फील्ड इंजीनियरों के माध्यम से वार्डों में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करें ताकि हजारीबाग का कोई भी गरीब बेघर न रह जाए।

No comments
Post a Comment