हजारीबाग उत्पाद विभाग का बिष्णुगढ़ में बड़ा धमाका: महुआ शराब की 5 जलती भट्ठियां ध्वस्त, 4000 किलो जावा महुआ नष्ट और 135 लीटर अवैध शराब जब्त
"उपायुक्त हेमंत सती के सख्त निर्देश पर चटकरी गांव में सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में हुई सघन छापेमारी, संलिप्त गृहस्वामियों की पहचान कर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज"— उत्पाद टीम
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
समाचार स्रोत (Source): सहायक आयुक्त उत्पाद कार्यालय सह बिष्णुगढ़ थाना प्रभाग, हजारीबाग
हजारीबाग: हजारीबाग जिले में अवैध और जहरीली शराब के काले कारोबार, निर्माण, संचय तथा अंतर-जिला परिवहन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से कमर कस ली है। हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती द्वारा जिले भर में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे सघन छापेमारी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई के आदेश के आलोक में उत्पाद विभाग को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के कुशल निर्देशन में उत्पाद विभाग की विशेष छापेमारी टीम ने बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत चटकरी गांव में चल रहे अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है।
![]() |
| 📝 कार्रवाई का पूरा ब्योरा: मैडमऒ पंचायत के उपर टोला में अलग-अलग घरों में चल रहा था अवैध धंधा; उत्पाद टीम ने 135 लीटर तैयार महुआ शराब जब्त कर बर्तनों को किया चकनाचूर। |
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिनांक 08 जून 2026 को उत्पाद विभाग की खुफिया टीम को एक पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के मैडमऒ पंचायत अंतर्गत आने वाले चटकरी (उपर टोला) गांव के अलग-अलग घरों में बडे़ पैमाने पर महुआ शराब की भट्ठियां सुलग रही हैं, जहां से सुदूरवर्ती इलाकों में शराब की सप्लाई की जाती है।
घरों के भीतर धधक रही थीं मौत की भट्ठियां, 4 हजार किलो जावा महुआ पानी में मिलाया
सूचना को पूरी तरह सत्यापित करने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवानों के साथ मिलकर चिन्हित चटकरी गांव के उपर टोला में अचानक चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। इस योजनाबद्ध छापेमारी के दौरान अलग-अलग घरों के परिसरों और झाड़ियों में अवैध रूप से संचालित की जा रही महुआ चुलाई शराब की 5 धधकती (जलती) हुई भट्ठियों को पुलिस बल के सहयोग से पूरी तरह से ध्वस्त और मटियामेट कर दिया गया।
इसके साथ ही, छापेमारी दल ने घटना स्थल एवं आसपास के परिसरों में अत्यंत शातिर तरीके से छुपाकर रखे गए किन्वयण योग्य (शराब बनाने के लिए तैयार) करीब 4,000 किलोग्राम (4 टन) जावा महुआ को मौके पर ही पूरी तरह से बहाकर विनष्ट कर दिया। इसके अलावा, उत्पाद टीम ने अवैध शराब बनाने के काम में आने वाले बड़े-बड़े लोहे के बर्तन, ड्रम, पाइप और अन्य निर्माण सामग्री को हथौड़ों से तोड़ दिया तथा मौके से करीब 135 लीटर तैयार अवैध महुआ चुलाई शराब को विधिवत जब्त कर लिया।
तस्करों की पहचान तेज, केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी दल की भनक लगते ही अवैध धंधे में संलिप्त मुख्य कारोबारी और गृहस्वामी मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि, उत्पाद विभाग ने स्थानीय चौकीदार और ग्रामीणों के सहयोग से इस अवैध धंधे में सीधे तौर पर संलिप्त सभी मुख्य अभियुक्तों और उनके संरक्षकों की पहचान पूरी तरह स्थापित कर ली है। इन सभी फरार आरोपियों के खिलाफ झारखंड उत्पाद एवं आबकारी अधिनियम की सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत जिला उत्पाद थाना में नामजद अभियोग (केस) दर्ज किया जा रहा है।
इस बेहद सफल और साहसिक छापेमारी ऑपरेशन को अंजाम देने वाले दल में मुख्य रूप से उत्पाद अवर निरीक्षक भुवनेश्वर नायक, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह सहित सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जांबाज जवान और अधिकारी शामिल थे। उत्पाद टीम ने स्पष्ट किया है कि हजारीबाग के किसी भी प्रखंड या पंचायत में अवैध महुआ या अंग्रेजी शराब का धंधा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Excise Laws & Public Safety Rights)
📌 अवैध शराब चुलाई और झारखंड उत्पाद अधिनियम: जानिए क्या हैं कड़े कानून?
झारखंड उत्पाद अधिनियम की धारा 47(A): बिना किसी वैध सरकारी लाइसेंस के अपने घरों या जंगलों में महुआ शराब की भट्ठी संचालित करना, जावा महुआ का संचय करना या शराब बेचना इस धारा के तहत गैर-जमानती और संगीन अपराध है। इसमें दोषियों को न्यूनतम 3 वर्ष से लेकर अधिकतम 5 वर्ष तक की कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
घरों में छापेमारी का नियम: आबकारी विभाग या स्थानीय पुलिस को यदि पुख्ता सूचना मिले कि किसी परिसर में अवैध शराब का निर्माण या संचय हो रहा है, तो वे बिना सर्च वारंट के भी आबकारी अधिनियम के विशेष अधिकारों के तहत तत्काल प्रवेश कर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई कर सकते हैं।
ग्रामीणों के वैधानिक अधिकार: पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को यह वैधानिक अधिकार प्राप्त है कि वे अपने पंचायत क्षेत्र को पूर्ण नशामुक्त घोषित करने के लिए प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग से ऐसी अवैध भट्ठियों को ध्वस्त करने की लिखित मांग कर सकते हैं, जिस पर 24 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य है।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: बिष्णुगढ़ में भट्ठियों का ध्वस्त होना सराहनीय, लेकिन जड़ों पर प्रहार जरूरी (Editorial)
4000 किलो जावा महुआ की बरामदगी आबकारी विभाग की मुस्तैदी का प्रमाण, पर मुख्य तस्करों की गिरफ्तारी बड़ी चुनौती हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती के आदेश पर बिष्णुगढ़ के चटकरी गांव में उत्पाद विभाग द्वारा की गई यह बड़ी छापेमारी निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है। 4000 किलोग्राम जावा महुआ और 5 जलती भट्ठियों को नष्ट करना यह साबित करता है कि ग्रामीण अंचलों में यह अवैध कारोबार किस कदर पैर पसार चुका है। महुआ चुलाई शराब न केवल सरकार के राजस्व को भारी चूना लगाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं और असमय मौतों का सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है। अवर निरीक्षक भुवनेश्वर नायक और उनकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सामग्री तो नष्ट कर दी, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी मुख्य कारोबारी भागने में सफल रहे। उत्पाद विभाग को केवल भट्ठियां तोड़ने और महुआ बहाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर उन मुख्य माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजना होगा जो इन गरीबों को पैसे का लालच देकर उनके घरों में मौत का यह सामान तैयार करवाते हैं। न्यूज़ प्रहरी जिला प्रशासन से अपील करता है कि इन क्षेत्रों में सिर्फ आबकारी का डंडा न चलाया जाए, बल्कि जेएसएलपीएस के जरिए इन गरीब परिवारों को रोजगार के वैकल्पिक और सम्मानजनक अवसर दिए जाएं ताकि वे शराब बनाने जैसे दलदल से हमेशा के लिए बाहर निकल सकें।

No comments
Post a Comment