🚫 कटकमसांडी: पुलिस ने स्कूली बच्चों को किया जागरूक; नशे के दुष्परिणाम, साइबर क्राइम और डायल 112 की दी जानकारी
कटकमसांडी (हजारीबाग): झारखंड सरकार द्वारा नशाखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत हजारीबाग पुलिस लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के आदेशानुसार, सोमवार (22 जून) को कटकमसांडी थाना प्रभारी द्वारा थाना क्षेत्र के राजकीय कृत प्लस टू उच्च विद्यालय, कटकमसांडी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर में भारी संख्या में छात्र-छात्राओं और विद्यालय के शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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Police awareness campaign in Plus Two High School, children taught lessons on drug de-addiction and cyber security! |
🧠 मादक पदार्थों से होने वाले नुकसान और कड़े कानूनों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान कटकमसांडी थाना प्रभारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए मादक पदार्थों (नशे) के सेवन से स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर पड़ने वाले घातक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को समझाया कि नशा न सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से इंसान को खोखला करता है, बल्कि व्यक्ति को अपराध की दलदल में भी धकेल देता है। इसके साथ ही बच्चों को मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों (NDPS एक्ट) की भी जानकारी दी गई।
💻 साइबर अपराध और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर दी सतर्कता टिप्स
वर्तमान समय में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए पुलिस टीम ने बच्चों को साइबर सुरक्षा के मूल मंत्र सिखाए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि:
सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय पूरी सावधानी बरतें।
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो या बैंक से जुड़े ओटीपी (OTP) साझा न करें।
यदि कोई साइबर ठगी या ऑनलाइन प्रताड़ना का शिकार होता है, तो तुरंत अपने अभिभावकों या पुलिस को सूचित करे।
इसके अलावा, बच्चों के साथ होने वाले विभिन्न प्रकार के अपराधों (पॉक्सो एक्ट व बाल अपराध) के संबंध में भी विस्तार से जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
📞 आपातकालीन स्थिति में तुरंत डायल करें '112'
पुलिस टीम ने बच्चों को झारखंड सरकार की आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS - Dial 112) के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह के संकट, सड़क दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी या किसी भी तरह के अपराध की स्थिति में नागरिक सीधे '112' नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर पर सूचना मिलते ही पुलिस की पीसीआर (PCR) वैन तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराती है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की, वहीं बच्चों ने नशे से दूर रहने और एक जागरूक नागरिक बनने का संकल्प लिया।

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