जयपुर में 2 जुलाई को दिया जाएगा नेशनल ई-गवर्नेंस अवार्ड 2026: केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे सम्मानित, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू
"29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में नवाचार, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशासनिक प्रयास होंगे पुरस्कृत; nceg.gov.in पर कराएं पंजीकरण"— विशेष तकनीकी रिपोर्ट
राष्ट्रीय ब्यूरो, नई दिल्ली/जयपुर:
प्रशासनिक सुधार और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में भारत सरकार के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान 'नेशनल अवार्ड्स फॉर ई-गवर्नेंस' (NAeG 2026) की घोषणा के साथ ही इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 2 जुलाई 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (#NCeG2026) के भव्य मंच पर यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और डिजिटल इंडिया के संकल्प को धरातल पर उतारने वाली सर्वश्रेष्ठ पहलों को सम्मानित करेंगे।
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इन 6 मुख्य मानकों पर आंकी जाएगी उत्कृष्टता, नवाचारों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
यह राष्ट्रीय पुरस्कार सरकारी प्रक्रियाओं की री-इंजीनियरिंग और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण (Citizen-Centric Service Delivery) में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले विभागों और अधिकारियों को दिया जाता है। इस वर्ष पुरस्कारों के निर्धारण के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित तकनीकी व प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
- प्रक्रिया री-इंजीनियरिंग: सरकारी कामकाज को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के प्रयास।
- साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स: डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने और डेटा-संचालित गवर्नेंस को बढ़ावा देना।
- जमीनी स्तर पर डिजिटल नवाचार: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में गवर्नेंस को सुलभ बनाने वाले ग्रासरूट डिजिटल इनोवेशंस।
- स्केलिंग अप और रिप्लिकेशन: पूर्व में सफल रहे प्रभावशाली प्रशासनिक मॉडलों को बड़े पैमाने पर लागू करना और उनका विस्तार करना।
आधिकारिक पोर्टल nceg.gov.in पर पंजीकरण शुरू, देश भर के दिग्गज होंगे शामिल
राजस्थान के जयपुर में आयोजित होने वाले इस 29वें राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए आधिकारिक तौर पर पंजीकरण (Registrations) की खिड़की खोल दी गई है। इस दो दिवसीय महामंथन में भाग लेने के लिए देश भर के सरकारी अधिकारी, डिजिटल क्षेत्रों के इनोवेटर्स, शिक्षाविद (Academia), उद्योग जगत के लीडर्स, टेक स्टार्टअप्स और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञ आधिकारिक वेबसाइट nceg.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस मंच पर देश के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नई तकनीकी नीतियों पर गहन विमर्श किया जाएगा।
विशाखापत्तनम में आयोजित 28वें सम्मेलन की सफल पहलों का भी दिखेगा प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान नई तकनीकों पर चर्चा के साथ-साथ अतीत की सफलताओं को भी रेखांकित किया जाएगा। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित हुए पिछले 28वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में जिन बेहतरीन और अवार्ड विनिंग पहलों को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था, उन पर आधारित विशेष तकनीकी वीडियो और केस स्टडीज भी इस बार प्रदर्शित की जाएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि देश के अन्य राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी और स्टार्टअप्स उन सफल मॉडलों से प्रेरणा लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं को और अधिक सुलभ तथा आधुनिक बना सकें।

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