Hazaribagh News: उपायुक्त हेमंत सती ने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) का किया औचक निरीक्षण; बच्चों की सुरक्षा और पोषण का लिया जायजा
हजारीबाग (News Prahari Desk): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 482/28.07.2026) के अनुसार, हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने मंगलवार को मिशन वात्सल्य योजना के तहत संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (Specialised Adoption Agency - SAA), सृजन फाउंडेशन का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में आवासित बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण, आधारभूत संरचना और मानव संसाधन की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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| Hazaribagh Deputy Commissioner Hemant Sati inspecting Specialised Adoption Agency SAA under Mission Vatsalya |
संस्थान की क्षमता और उपलब्ध आधारभूत सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि सृजन फाउंडेशन द्वारा संचालित इस विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की कुल आवासीय क्षमता 10 बच्चों की है, जिसमें वर्तमान में 07 बच्चे रह रहे हैं।
संस्थान में शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए दो अलग-अलग आवासीय कक्ष, एक डाइनिंग हॉल, रसोईघर, स्टोर रूम, कार्यालय, स्टाफ रूम और विजिटर कक्ष जैसी सभी मूलभूत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उपायुक्त ने परिसर के हर हिस्से का अवलोकन कर स्वच्छता और व्यवस्था का निरीक्षण किया।
मानव संसाधन और दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की समीक्षा
उपायुक्त ने संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों जैसे समन्वयक, सामाजिक कार्यकर्ता, नर्स, सुरक्षा गार्ड और आया (Caregivers) की उपस्थिति व कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बच्चों की देखभाल और परवरिश में किसी भी स्तर पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही, उन्होंने संस्थान में रह रहे बच्चों की व्यक्तिगत फाइलों, उनके कानूनी पुनर्वास (Rehabilitation) और दत्तक ग्रहण (Adoption) से संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की, ताकि बच्चों को नियमानुसार जल्द से जल्द गोद लेने की प्रक्रिया पूरी कर उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
संतुलित पोषण, स्वास्थ्य जांच और सीसीटीवी से सुरक्षा व्यवस्था
- भोजन और पोषण प्रबंधन: निरीक्षण के क्रम में बच्चों के आहार और पोषण चार्ट की जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि छोटे शिशुओं को उनकी आयु के अनुसार शिशु आहार, दूध और आवश्यक पोषाहार दिया जाता है। वहीं, बड़े बच्चों को निर्धारित मेनू के तहत पौष्टिक भोजन और दैनिक रूप से दूध उपलब्ध कराया जाता है।
- स्वास्थ्य एवं टीकाकरण: स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त को बताया गया कि सभी बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में की जाती है तथा आयु-वार टीकाकरण चार्ट के अनुसार सभी टीके समय पर लगवाए जाते हैं।
- सुरक्षा प्रबंध: संस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुल 08 सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनसे पूरे परिसर की 24 घंटे निगरानी की जाती है। उपायुक्त ने सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों की कार्यप्रणाली को भी देखा।
निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) के अधिकारियों ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत संस्थान के दैनिक संचालन और बच्चों के रखरखाव से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी उपायुक्त को दी।

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