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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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दहेज को परंपरा बताना अपराध का समर्थन': अंबा प्रसाद का सांसद मनीष जायसवाल पर तीखा हमला


'दहेज को परंपरा बताना अपराध का समर्थन': अंबा प्रसाद का सांसद मनीष जायसवाल पर तीखा हमला

हजारीबाग: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। अंबा प्रसाद ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा दहेज जैसी कुप्रथा को 'परंपरा' का नाम देकर समर्थन देना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि कानूनी रूप से भी गंभीर मामला है।

"एक प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक अंबा प्रसाद। उन्होंने सांसद मनीष जायसवाल के दहेज संबंधी बयान को सामाजिक पतन का परिचायक बताया।"

उपहार और दहेज के अंतर को समझें माननीय: अंबा

पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि सांसद को 'उपहार' (Gift) और 'दहेज' (Dowry) के बीच का बुनियादी अंतर समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, "स्वेच्छा से उपहार देना अपराध नहीं है, लेकिन मांग के आधार पर लेनदेन करना दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 के तहत संज्ञेय अपराध है। सांसद जी इन दोनों को एक बताकर समाज में भ्रम फैला रहे हैं और कानून का मजाक उड़ा रहे हैं।"

कानूनी प्रावधानों का दिया हवाला

अंबा प्रसाद ने कानून की याद दिलाते हुए कहा कि दहेज लेने और देने पर न्यूनतम 5 साल की सजा और 15,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, धारा 8A के तहत इस कुप्रथा को प्रोत्साहित करने वालों पर भी उतनी ही कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने आश्चर्य जताया कि खुलेआम कानून उल्लंघन की बात करने के बावजूद प्रशासन या संबंधित मंत्रालय ने अब तक इस पर संज्ञान क्यों नहीं लिया।

महिलाओं और समाज के लिए असुरक्षित सोच

एक महिला जनप्रतिनिधि के तौर पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए अंबा ने कहा, "विकास की बात करने वाले दल के सांसद जब सामाजिक विकास को कुचलने वाली बात करते हैं, तो असुरक्षा महसूस होती है। यह 'मिसरी लगी छुरी' जैसी सोच है जो भविष्य में सामाजिक पतन का कारण बनेगी।" उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे ऐसी कुरीतियों के खिलाफ बिना डरे मुहिम छेड़ें ताकि शासन-प्रशासन तक कड़ा संदेश जाए।

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