-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Showing posts with label Congress vs BJP. Show all posts
Showing posts with label Congress vs BJP. Show all posts

गैस किल्लत पर अंबा प्रसाद का बड़ा हमला: कहा- ईरान-इजरायल युद्ध के नाम पर देश में मची है लूट, छात्र छोड़ रहे हॉस्टल

 गैस किल्लत पर अंबा प्रसाद का बड़ा हमला: कहा- ईरान-इजरायल युद्ध के नाम पर देश में मची है लूट, छात्र छोड़ रहे हॉस्टल

नरेश सोनी विशेष संवाददाता।

"अम्बा प्रसाद "
हजारीबाग/रांची: देश में गहराते गैस संकट और घरेलू ईंधन की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। इस ज्वलंत मुद्दे पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और हजारीबाग की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की नीतियों को 'दोहरा' करार देते हुए कहा कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की आग में भारत के आम आदमी के चूल्हे की आग बुझ गई है।

सरकार की 'दोहरी नीति' पर सवाल

फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता से मुखातिब होते हुए अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार के दावों की पोल खोली। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार के पास पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है, तो देश के विभिन्न हिस्सों में गैस की इतनी भीषण किल्लत क्यों है? उन्होंने 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' (Essential Commodities Act) लागू करने पर भी आपत्ति जताई। अंबा के अनुसार, यह अधिनियम कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए होता है, लेकिन गैस जैसे ईंधन की जमाखोरी करना आम आदमी के बस की बात नहीं है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इस संकट की आड़ में अपनी विफलताओं को छिपा रही है?

महंगाई की मार और 'मइयां सम्मान योजना' पर जयराम महतो का बड़ा बयान: "शिक्षा और स्वास्थ्य हो मुफ्त, बाकी पर लगे लगाम"

हजारीबाग के छात्रों का पलायन: एक गंभीर संकट

अंबा प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में एक बेहद भावुक और चिंताजनक पहलू को उजागर किया। उन्होंने बताया कि संत कोलंबस महाविद्यालय, हजारीबाग के छात्रावासों में रहने वाले छात्र अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर घर लौटने को मजबूर हैं। गैस की ऊंची कीमतों और किल्लत के कारण छात्र लकड़ी चुनकर खाना बनाने को विवश थे। यह स्थिति केवल एक कॉलेज की नहीं, बल्कि पूरे शहर के लॉज और हॉस्टलों की है, जहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा अब कतारों में लगने के बजाय घर वापसी कर रहे हैं।

महंगाई की चौतरफा मार

पूर्व विधायक ने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जो तेल 35-40 रुपये प्रति लीटर था, वह आज भाजपा के 20 साल के राज में 100 रुपये के पार पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेल के परिवहन और आयात का पूरा ठेका अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को दे दिया गया है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।

व्यवसाय और आस्था पर संकट

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने के कारण छोटे होटल, रेस्टोरेंट और लॉज बंद होने की कगार पर हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि बड़े मंदिरों में चलने वाले 'भंडारे' भी बंद हो सकते हैं। सीएनजी की कमी ने परिवहन लागत बढ़ा दी है, जिससे ऑटो और बसों का किराया तेजी से बढ़ा है, और इसका सीधा असर दैनिक मजदूरी करने वालों पर पड़ा है।

सुशासन या अराजकता?

अंबा प्रसाद ने भाजपा शासित राज्यों में मकानों को ध्वस्त करने (Bulldozer Action) की कार्रवाई पर भी टिप्पणी की। उन्होंने इसे 'सुशासन' के नाम पर 'अराजकता' बताया। उन्होंने प्रसिद्ध कहानी 'Frankenstein' का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि धर्म और जाति के नाम पर भड़काई जा रही नफरत की राजनीति का अंजाम बहुत बुरा होगा।

दहेज को परंपरा बताना अपराध का समर्थन': अंबा प्रसाद का सांसद मनीष जायसवाल पर तीखा हमला


'दहेज को परंपरा बताना अपराध का समर्थन': अंबा प्रसाद का सांसद मनीष जायसवाल पर तीखा हमला

हजारीबाग: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। अंबा प्रसाद ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा दहेज जैसी कुप्रथा को 'परंपरा' का नाम देकर समर्थन देना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि कानूनी रूप से भी गंभीर मामला है।

"एक प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक अंबा प्रसाद। उन्होंने सांसद मनीष जायसवाल के दहेज संबंधी बयान को सामाजिक पतन का परिचायक बताया।"

उपहार और दहेज के अंतर को समझें माननीय: अंबा

पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि सांसद को 'उपहार' (Gift) और 'दहेज' (Dowry) के बीच का बुनियादी अंतर समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, "स्वेच्छा से उपहार देना अपराध नहीं है, लेकिन मांग के आधार पर लेनदेन करना दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 के तहत संज्ञेय अपराध है। सांसद जी इन दोनों को एक बताकर समाज में भ्रम फैला रहे हैं और कानून का मजाक उड़ा रहे हैं।"

कानूनी प्रावधानों का दिया हवाला

अंबा प्रसाद ने कानून की याद दिलाते हुए कहा कि दहेज लेने और देने पर न्यूनतम 5 साल की सजा और 15,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, धारा 8A के तहत इस कुप्रथा को प्रोत्साहित करने वालों पर भी उतनी ही कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने आश्चर्य जताया कि खुलेआम कानून उल्लंघन की बात करने के बावजूद प्रशासन या संबंधित मंत्रालय ने अब तक इस पर संज्ञान क्यों नहीं लिया।

महिलाओं और समाज के लिए असुरक्षित सोच

एक महिला जनप्रतिनिधि के तौर पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए अंबा ने कहा, "विकास की बात करने वाले दल के सांसद जब सामाजिक विकास को कुचलने वाली बात करते हैं, तो असुरक्षा महसूस होती है। यह 'मिसरी लगी छुरी' जैसी सोच है जो भविष्य में सामाजिक पतन का कारण बनेगी।" उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे ऐसी कुरीतियों के खिलाफ बिना डरे मुहिम छेड़ें ताकि शासन-प्रशासन तक कड़ा संदेश जाए।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972