हजारीबाग में खेल क्रांति की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में उठाई स्टेडियमों के निर्माण की गूँज
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| झारखंड विधानसभा के सदन में हजारीबाग की खेल सुविधाओं और स्टेडियम निर्माण की मांग रखते विधायक प्रदीप प्रसाद। |
हजारीबाग : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक दूरदर्शी मांग रखी है। विधायक ने सदन का ध्यान हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र की जर्जर खेल संरचनाओं और अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स की ओर खींचते हुए सरकार से बजट आवंटन की पुरजोर वकालत की।
कटकमसांडी का अधूरा सपना: कब पूरा होगा खिलाड़ियों का इंतज़ार?
विधायक श्री प्रसाद ने सदन पटल पर प्रमुखता से कटकमसांडी प्रखंड के अधूरे पड़े स्टेडियम का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित होने के कारण न केवल सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं को अभ्यास के लिए मैदान की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्टेडियम के पूरा होने से कटकमसांडी और आसपास के दर्जनों गांवों के एथलीटों को एक पेशेवर मंच मिलेगा।
सिलवार में जगन्नाथ धाम स्टेडियम: शहर की बढ़ती जरूरतों का समाधान
हजारीबाग शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए, सदर प्रखंड के सिलवार स्थित जगन्नाथ धाम में एक नए और आधुनिक स्टेडियम की मांग रखी गई है। विधायक ने तर्क दिया कि शहर के मौजूदा मैदानों पर दबाव बढ़ रहा है। एक सुसज्जित स्टेडियम न केवल अभ्यास के लिए बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी अनिवार्य है। इससे हजारीबाग में खेल पर्यटन (Sports Tourism) को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल: कटकमदाग और दारू प्रखंड
विधायक प्रदीप प्रसाद का दृष्टिकोण केवल शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कटकमदाग और दारू प्रखंड में भी नए खेल स्टेडियमों के निर्माण की आवश्यकता जताई। उनका मानना है कि झारखंड के गांवों में नैसर्गिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो केवल उचित बुनियादी ढांचे की। ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनने से युवाओं का झुकाव नशाखोरी जैसी बुराइयों से हटकर सकारात्मक खेल गतिविधियों की ओर बढ़ेगा।
एडसेंस विशेष विश्लेषण: क्यों जरूरी है यह मांग?
विधायक की इस पहल का मुख्य उद्देश्य हजारीबाग को झारखंड का 'स्पोर्ट्स हब' बनाना है। वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई प्रतिभावान खिलाड़ी बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। यदि सरकार इन प्रस्तावित परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए बजट जारी करती है, तो इससे न केवल खेल संस्कृति मजबूत होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से आग्रह किया है कि इन परियोजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर, धरातल पर उतारने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।

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